Bareilly News: यूजीसी ने रुहेलखंड विश्वविद्यालय को श्रेणी वन में किया शामिल, अब ऑनलाइन कोर्स भी संचालित कर सकेगी यूनिवर्सिटी

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Edited By Amrit Vichar
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बरेली, अमृत विचार। रुहेलखंड विश्वविद्यालय में कुलपति और कुलसचिव के बीच की जंग के बीच एक अच्छी खबर आई है। यूजीसी (विश्वविद्यालय अनुदान आयोग) ने विश्वविद्यालय को श्रेणी वन में शामिल किया है। 

इससे विश्वविद्यालय को यूजीसी की सभी ग्रांट मिलेंगी और विश्वविद्यालय ऑनलाइन कोर्स भी संचालित कर सकेगा। मंगलवार को यूजीसी के सचिव मनीष जोशी ने रुहेलखंड विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. केपी सिंह को इसका पत्र जारी किया है। अभी तक विश्वविद्यालय श्रेणी दो में शामिल था।

विश्वविद्यालय अनुदान आयोग ने उन्नत-प्रदर्शन करने वाले संस्थानों को स्वायत्तता प्रदान करने के लिए भारत के राजपत्र में 12 फरवरी 2018 को विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (ग्रेडेड स्वायत्तता प्रदान करने के लिए विश्वविद्यालयों (केवल) का श्रेणीकरण) विनियम 2018 अधिसूचित किया है। इसके अंतर्गत विश्वविद्यालय अनुदान आयोग की 16 अप्रैल 579वीं बैठक में महात्मा ज्योतिबा फुले रुहेलखंड विश्वविद्यालय से प्राप्त प्रस्ताव की संवीक्षा की। 

इसके बाद आयोग ने रुहेलखंड विश्वविद्यालय को श्रेणी-एक स्तर की स्वायत्तता प्रदान करने का निर्णय लिया है। रुहेलखंड विश्वविद्यालय के मीडिया सेल प्रभारी डॉ. अमित सिंह ने बताया कि इससे पहले विश्वविद्यालय को नैक ए डबल प्लस की ग्रेड प्राप्त हुई थी तो विश्वविद्यालय डिस्टेंस लर्निंग कोर्स शुरू करने के लिए मान्य हो गया था। 

अब यूजीसी की श्रेणी एक में शामिल होने के बाद यूजीसी की सभी ग्रांट मिलेंगी और ऑनलाइन कोर्स भी शुरू हो सकेंगे। इससे देश के किसी भी राज्य में रहने वाले छात्र विश्वविद्यालय परिसर में संचालित पाठ्यक्रमों को ऑनलाइन पढ़ सकेंगे। देश की नामी विश्वविद्यालयों और संस्थानों की श्रेणी में शामिल होने से इसमें पढ़ने वाले छात्रों को ऑनलाइन स्तर पर इसका फायदा मिलेगा।

यूजीसी ने विश्वविद्यालय को श्रेणी-एक के वर्ग में शामिल किया है। अब विश्वविद्यालय को सभी ग्रांट मिलेंगी और ऑनलाइन कोर्स भी संचालित किए जाएंगे।- प्रो. केपी सिंह, कुलपति रुहेलखंड विश्वविद्यालय

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