संभल : तीन युवकों की जेल से रिहाई पर वृंदावन जा रहा था परिवार, चार सदस्यों की मौत से आंखें हो गई है नम
पता नहीं था कि रास्ते में मौत उनका इंतजार कर रही है
हादसे के बाद मौके पर इकट्ठा भीड़।
गुन्नौर/संभल, अमृत विचार। रामपुर जिले के गांव हरजीपुर निवासी पूरन यादव के तीन बेटों की जेल से रिहाई की मन्नत पूरी होने पर पूरा परिवार बांकेबिहारी के दर्शन करने वृंदावन जा रहा था। परिवार को नहीं पता था कि रास्ते में मौत उनका इंतजार कर रही है। गुन्नौर क्षेत्र में हादसा हुआ तो दो महिलाओं व दो मासूमों सहित परिवार के चार सदस्यों की मौत हो गई।
रामपुर जिले के शहजाद नगर थाना क्षेत्र के गांव हरजीपुर निवासी पूरन यादव की पुत्रवधू नीरज ने बताया कि डेढ़ साल पहले गांव में मारपीट के दौरान सिर में डंडा लगने से एक व्यक्ति की मौत हो गई थी। इस मामले में पूरन यादव, भाई धर्मपाल और तीन पुत्रों सुनील, यशपाल और राजा के खिलाफ केस दर्ज होने पर पांचों जिला कारागार रामपुर में निरूद्ध थे। मीना ने घर के पुरुषों की रिहाई होने पर बांकेबिहारी दर्शन करने की मनौती मांगी थी। हाल ही में सुनील, यशपाल और राजा की जमानत के बाद रिहाई हुई तो परिवार ने मन्नत के अनुसार मथुरा जाने का कार्यक्रम तय किया। गुरुवार को परिवार के लोग दो कार में सवार हो कर बांकेबिहारी के दर्शन करने वृंदावन जा रहे थे। मृतका मीना की बेटी सविता ने बताया कि पिता पूरन और चाचा धर्मपाल अभी भी जेल में हैं।
नानी संग दो मासूमों की गई जान
पूरन यादव की दो बेटियों सविता और प्रीति की शादी रामपुर के सिविल लाइन थाना क्षेत्र के गांव रायपुर में हुई है। बांके बिहारी दर्शन के लिए सविता व प्रीति के परिजन भी साथ जा रहे थे। प्रीति की बेटियां राधिका व दंशा को नानी मीना बहुत प्रेम करती थी, इसलिए दोनों को अपने साथ एसेंट कार में बैठा लिया। हादसे में नानी के साथ दोनों मासूमों की भी दर्दनाक मौत हो गई।
कार में ही फंस गये जेठानी देवरानी के शव
गुन्नौर। रोडवेज बस व कार की टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि कार की पिछली सीट पर बैठी जेठानी व देवरानी के शव बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गये। शव इतनी बुरी तरह फंसे की उन्हें कार से बाहर निकालना भी मुश्किल हुआ। जिंदगी की उम्मीद में दोनों बच्चियों राधिका और दंशा को एंबुलेंस से सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया। चिकित्सक ने दोनों को मृत घोषित कर दिया जबकि मीना और राजमाला के शव कार में पिछली सीट पर एक दूसरे से चिपके थे। दोनों के चेहरे कुचल गये। हादसा इतना भीषण था कि दुर्घटना स्थल पर रूके राहगीरों की आंखें भी नम हो गईं।
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