बरेली: एसआर स्कूल को नोटिस, चयनित बच्चों को प्रवेश देने से किया था मना

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Edited By Amrit Vichar
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बरेली, अमृत विचार: एसआर इंटरनेशनल स्कूल प्रबंधन ने आरटीई (शिक्षा का अधिकार अधिनियम) के तहत चयनित तीन बच्चों को प्रवेश देने से मना कर दिया है लेकिन बेसिक शिक्षा विभाग दस्तावेजों की जांच के बजाय दाखिला कराने पर अड़ा हुआ है। बीएसए ने इस संबंध में स्कूल को नोटिस दिया है। स्कूल प्रबंधन का दावा है कि चयनित तीन बच्चों के परिवार निर्धन नहीं बल्कि संपन्न हैं, जबकि निर्धन बच्चों को प्रवेश देने का नियम है।

दो महीने से बिथरी चैनपुर के जाहिद हुसैन स्कूल में नर्सरी कक्षा में बच्चे का दाखिला कराने के लिए भटक रहे हैं। उनका कहना है कि इस संबंध में उन्होंने कमिश्नर और बीएसए को पत्र भेज कर बच्चे को प्रवेश दिलाने की मांग की है। अभिभावक की शिकायत पर बीएसए ने स्कूल प्रबंधन को नोटिस जारी कर चयनित बच्चे का दाखिला लेने के निर्देश दिए हैं।

स्कूल प्रबंधन ने साक्ष्यों के साथ कमिश्नर को भेजी रिपोर्ट
एसआर इंटरनेशनल स्कूल के निदेशक डाॅ. आरके शर्मा ने बताया कि स्कूल स्तर से चयनित बच्चों के परिवार का सत्यापन कराया गया था। इसमें पता चला है कि जाहिद की बिथरी में कोठी है। उन्होंने तीन हजार रुपये मासिक आय का फर्जी प्रमाण पत्र बनवा लिया। जबकि वह इलेक्ट्रीशियन हैं। बैंड, बग्गी का भी काम करते हैं। उनका दावा है कि वह निजी फर्म में भी काम करते हैं। उनके घर का करीब 1.25 लाख का बिजली बिल आता है। स्कूल की ओर से कराए गए सत्यापन की रिपोर्ट कमिश्नर को भेज दी गई है।

स्कूल प्रबंधन के सभी आरोप निराधार हैं। घर मेरा नहीं ताऊ का है, जिसमें पूरा परिवार रहता है। बिल का भुगतान भी साझे में किया जाता है। स्कूल के सभी आरोप की विभागीय जांच के लिए तैयार हैं---जाहिद हुसैन, अभिभावक।

स्कूल की ओर से चयनित छात्र के सत्यापन के लिए कोई शिकायत नहीं पहुंची है और न ही कमिश्नर की ओर से इस संबंध में कोई निर्देश मिले हैं। अगर मिलते हैं तो छात्र का दोबारा से सत्यापन कराया जाएगा---संजय सिंह, बीएसए।

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