मुरादाबाद : नालों पर अतिक्रमण बनेगा सफाई में अड़चन, बारिश में तालाब बन जाता है महानगर 

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Edited By Amrit Vichar
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जलभराव की समस्या से निजात के लिए बरसात से पहले करानी होगी नालों की सफाई, नगर निगम की सीमा के अंतर्गत हैं 232 खुले और 32 भूमिगत नाले

मुरादाबाद, अमृत विचार। बरसात में महानगर में जलभराव की विकट समस्या होती है। महानगर एक-दो दिन की बारिश में ही तालाब बन जाता है। महानगर में नाला सफाई में अतिक्रमण अड़चन बनता है। ठीक से सफाई न होने से हल्की सी बारिश में भी नाला ओवरफ्लो होने से सड़क पर पानी बहता है। जिससे गंदगी से लोगों में संक्रामक बीमारी की आशंका भी बढ़ जाती है।

नगर निगम की सीमा के अंतर्गत 232 खुले और 32 भूमिगत नाले हैं। इनकी सफाई बरसात से पहले ठीक से न होने पर इस बार भी जलभराव की समस्या से जूझने की स्थिति बनेगी। नगर निगम प्रशासन बरसात से नालों की सफाई के लिए पहल कर रहा है। लेकिन सफाई कार्य में नाले पर किया गया अतिक्रमण अड़चन डालेगा। इसलिए सफाई कार्य से पहले निगम प्रशासन को अतिक्रमण मुक्त करना होगा। अन्यथा केवल रस्म अदायगी के लिए नाला सफाई से जलभराव की आशंका फिर भी बनी रहेगी। महानगर में नालों-नालियों की सफाई का कार्य निगम का निर्माण अनुभाग कराता है।

नगर आयुक्त दिव्यांशु पटेल ने पिछले दिनों बैठक में अधिकारियों को जोनवार सफाई कार्य शुरू कराने का निर्देश दिया था। मुख्य अभियंता दिनेश सचान का कहना है नाला सफाई के लिए ई निविदा आमंत्रित की गई है। इसकी प्रक्रिया पूरी होने पर नालों की सफाई कराएंगे। वहीं नगर आयुक्त का कहना है कि नालों की सफाई फेजवार होगी और इसकी मानीटरिंग जोनल अधिकारी करेंगे। जिन नाले, नालियों पर अतिक्रमण है नोटिस देकर दुकानदारों या भवन स्वामियों को स्वयं हटाने और ऐसा न करने पर निगम की टीम को अतिक्रमण हटवाने के लिए निर्देश दिया है।

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