बरेली: पुलिस से उठा भरोसा, ग्रामीणों ने पूरे गांव में लगवा दिए कैमरे

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महिपाल गंगवार, बरेली। शासन प्रशासन भले ही कानून व्यवस्था को बेहतर बताते हुए तमाम दावे करे मगर जमीनी हकीकत तंत्र के दावों को खोखला साबित कर रही है। यही नहीं लोगों में अपराधियों का खौफ बढ़ता जा रहा है और पुलिस से भरोसा उठ रहा है। इसकी बानगी बिथरी चैनपुर ब्लॉक के गांव फरीदापुर इनायत …

महिपाल गंगवार, बरेली। शासन प्रशासन भले ही कानून व्यवस्था को बेहतर बताते हुए तमाम दावे करे मगर जमीनी हकीकत तंत्र के दावों को खोखला साबित कर रही है। यही नहीं लोगों में अपराधियों का खौफ बढ़ता जा रहा है और पुलिस से भरोसा उठ रहा है। इसकी बानगी बिथरी चैनपुर ब्लॉक के गांव फरीदापुर इनायत खां में देखने को मिली। गांव में चोरी समेत अन्य वारदातें बढ़ती जा रही हैं।

पुलिस इसका कोई समाधान नहीं निकाल पाई। चोरी जैसी वारदातों का खुलासा भी नहीं हो सका। पुलिस से भरोसा उठ गया तो प्रधान ने ग्रामीणों के सहयोग से अपराध रोकने की पहल की। मुख्य द्वार से लेकर अधिकांश गलियों में सीसीटीवी लगवा दिए गए हैं। अब ग्रामीण तो खुश हैं मगर पुलिस की खासा फजीहत हो रही है।

बिथरीचैनपुर ब्लाक की पांच हजार आबादी वाली ग्राम पंचायत फरीदापुर इनायत खां के प्रधान कमलेश पटेल हैं। पिछले कुछ माह से गांव में आए दिन होने वाली चोरियों ने ग्रामीणों को परेशान किया हुआ है। किसी के यहां से भैंसें खुल गईं तो किसी के घर का ताला तोड़कर चोर सामान समेटकर ले गए।

शिकायत मिलने पर भी पुलिस ने सख्ती नहीं दिखाई तो प्रधान ने ग्रामीणों के सहयोग से गांव को तीसरी आंख की जद में करने का फैसला लिया। इसके बाद मुख्य द्वार से गलियों तक सीसीटीवी कैमरे लगवा दिए। प्रधान का मानना है कि इससे जहां चोरी की वारदातों पर अंकुश लगेगा वहीं, आपराधिक छवि का बाहरी व्यक्ति प्रवेश करने से पहले कई बार सोचेगा। इससे गांव में मारपीट की घटनाओं में भी कमी आएगी।

40 कैमरों पर 4.5 लाख रुपये हुए खर्च
ग्राम पंचायत में सड़कों से लेकर गलियों तक करीब 40 सीसीटीवी कैमरे लगवाए गए हैं। कंट्रोल रूम प्रधान के घर में स्थापित है। प्रधान कमलेश पटेल ने बताया कि सीसीटीवी कैमरे लगवाने में करीब 4.5 लाख रुपये खर्च हुए हैं। इसमें कुछ धनराशि ग्राम निधि से तो कुछ ग्रामीणों ने चंदा करके इकट्ठा की है।

बाहरी लोग अब जरा संभल कर जाएं
पूरे गांव पर अब तीसरी आंख की नजर है। इसलिए बाहरी व्यक्तियों को सलाह दी जा रही है कि वह गांव में सोच समझकर प्रवेश करें। ग्रामीणों का कहना है कि गांव में यदि कोई संदिग्ध घुसता है तो उसे आसानी से ट्रेस किया जा सकेगा। वहीं दूसरी तरफ ग्रामीण भी खुद की जिम्मेदारी निभाएंगे। प्रधान का मानना है कि बाहरी व्यक्ति भी कई बार गांव में माहौल खराब करने की कोशिश कर चुके हैं लेकिन अब वे नहीं बच सकेंगे।

अधिकारी से लेकर आमजन तक कर रहे तारीफ
प्रधान की तारीफ करने साथ ही दावा किया जा रहा है कि गांव फरीदापुर इनायत खां प्रदेश का पहला ऐसे गांव हो सकता है जो पूरी तरह सीसीटीवी कैमरे से लैस किया गया हो। प्रधान का कहना है प्रदेश स्तर पर वह अपने गांव को एक अलग पहचान दिलाने में कामयाब रहे।

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