कासगंज: सात फेरे लेने के दौरान दुल्हन के उड़े होश, बोली- दूल्हे से नहीं करूंगी शादी...बैरंग लौटी बारात

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गुडडू यादव/कासगंज: जिले के सुन्नगढी थाना क्षेत्र नगला बदन से आई बारात में दूल्हे की आंख को देखकर दुल्हन ने शादी से मना कर दिया। गुस्साए दुल्हन पक्ष ने दूल्हा पक्ष पर अंधेपन की बात छुपाने का आरोप लगा कर बारात को बंधक बना लिया। लोगों ने पंचायत में सगाई में दिया गया सामान लौटाने की बात रखकर दोनों पक्षों के बीच समझौता करा दिया। इसके बाद दूल्हा बगैर दुल्हन लिए बारात के साथ लौट गया।

कासगंज नगर कोतवाली क्षेत्र के नई बस्ती नगला मुन्नालाल की बेटी अंजलि की बारात 10 मई को नगला बदन से रामप्रसाद के बेटे ताराचंद्र से शादी करने के लिए आई थी। घर में बारातियों के स्वागत सत्कार को लेकर तैयारियां चल रही थीं। गांव में घुड़चढ़ी और वरमाला की रश्म हंसी-खुशी से पूरी हुई। सुबह सात फेरे लेते समय दुल्हन की नजर दूल्हा की आंखों पर चली गई। 

दूल्हा की आंख खराब देखकर दुल्हन ने शादी से मना कर दिया। दुल्हन और दूल्हा पक्ष के लोगों में विवाद बढ़ गया। मामला कोतवाली तक पहुंच गया।  दूल्हा और दुल्हन पक्ष ने एक दूसरे को सगाई में सोने, चांदी के जेवरात और नकदी भी दी थी। वर और वधू पक्ष के लोग आमने सामने आ गये। काफी देर तक मान मुनम्बर दौर चलता रहा, लेकिन दुल्हन किसी की बात मनाने को तैयार नही हुई। 

वह अपनी जिद पर अड़ी रही। दुल्हन और दूल्हा पक्ष के लोगों के बीच समझौता हो गया। एक दूसरे ने सामान और दिए गये दान दहेज को वापस कर दिया। बारात बिना शादी के बैरंग लौट गई। समझौता का एक पत्र कासगंज कोतवाली पुलिस को दिया गया है। दुल्हन के चाचा मनोज कुमार ने बताया पहले लड़के को नही देखा था। उनकी आंख से दिखता नहीं है। इस वजह से शादी नही हो सकती।

इस मामले बिना दुल्हन के बैरंग लौट रहे दूल्हे से बात की गई, तो उन्होंने बताया कि आंख में दिक्कत की वजह से शादी टूट गई। हिसाब हो गया। 

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