Lok Sabha Chunav 2024: उन्नाव में थम गया प्रचार-प्रसार...अब मतदान की तैयारी
उन्नाव में 23 लाख 41 हजार 740 मतदाता करेंगे अपने मताधिकार का प्रयोग
उन्नाव, अमृत विचार। भारत निर्वाचन आयोग की आदर्श आचार संहिता के तहत शाम छह बजे से चौथे चरण के लिये 13 मई को होने वाले मतदान से पहले प्रचार अभियान थम गया। इससे पहले प्रेक्षक सामान्य बाबू ए की मौजूदगी में जिला निर्वाचन अधिकारी (डीईओ) गौरांग राठी ने निर्वाचन क्षेत्र के मतदाता न होने वाले राजनैतिक लोगों के लिए जिला प्रवास प्रतिबंधित कर दिया। बताया कि जिले में 23 लाख 41 हजार 740 मतदाताओं में 12 लाख 44 हजार 745 पुरुष व 10 लाख 96 हजार 903 महिला मतदाता हैं। जबकि अन्य मतदाताओं की संख्या मात्र 92 है।
अधिकारियों ने बताया कि लोकसभा निर्वाचन कराने के लिए संसदीय क्षेत्र में 2498 मतदान केंद्रों में 173 को क्रिटिकल, 27 वल्नरेबल और 1680 मतदान केंद्रों में 123 क्रिटिकल व 19 वल्नरेबल मतदान चिन्हित किए गए हैं। सकुशल निर्वाचन संपंन कराने के लिए 11,004 मतदान कार्मिकों की सेवाएं प्राप्त की जा रही हैं। जिले के छह-छह बूथों का प्रबंधन महिलाओं व युवाओं को सौपा गया है, जबकि आठ बूथों को माडल घोषित कर रखा गया है।
शांतिपूर्ण, निष्पक्ष व निर्भीक मतदान कराने के लिए 250 सेक्टर मजिस्ट्रेट, 26 जोनल मजिस्ट्रेट व 250 माइक्रोआब्जर्वर को अलग-अलग क्षेत्रों की जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं। इसके अलावा 54 एफएसटी, 18 एसएसटी व छह वीएसटी टीमों को निगरानी के लिए तैनात किया गया है। चुनाव के दौरान मतदान कार्मिक सहित अन्य जिम्मेदारों को आवागमन सुविधा उपलब्ध कराने को 837 हल्के वाहन व 732 भारी वाहन इस्तेमाल हो रहे हैं।
उन्होंने बताया कि मतदेय स्थलों पर मतदाताओं की सहायता के लिए मतदाता सहायता केंद्र स्थापित रहेंगे, जहां बीएलओ मतदाता सूची सहित उपलब्ध रहकर मतदाताओं की समस्या का समाधान करेंगे। मतदाताओं को मतदान करने की सुविधा उपलब्ध कराने के लिए मतदान दिवस 13 मई को सार्वजनिक अवकाश घोषित है। इसलिए सभी को हरहाल में मतदान करने पहुंचना चाहिए।
मतदाताओं को वोटर पर्ची के आधार पर ही मत प्रयोग नहीं करने दिया जाएगा। इसलिए उन्हें मतदाता पहचान पत्र सहित अन्य विकल्पों में शामिल फोटो युक्त पहचान पत्र लेकर पहुंचना होगा। प्रचार थमने के साथ ही जिले में निषेधाज्ञा प्रभावी है, जिसका कड़ाई से पालन कराया जा रहा है। अब मतदान तक सभी प्रत्याशी व उनके एजेंट आवागमन के लिए केवल एक-एक वाहन प्रयोग कर सकेंगे।
यह हैं मतदाता पहचान पत्र के विकल्प
डीईओ ने बताया कि निर्वाचन आयोग द्वारा मतदाता पहचान पत्र के विकल्प के तौर पर 12 अन्य विकल्प स्वीकृत कर रखे हैं। इसलिए वोटर आईडी न होने पर मतदाता वोट डालने के लिए आधार, पैन, विशिष्ट दिव्यांगता पहचान पत्र, सेवा पहचान पत्र, बैंक या डाकघर द्वारा जारी फोटो युक्त पासबुक, स्वास्थ्य बीमा स्मार्ट कार्ड, ड्राईविंग लाईसेंस, पासपोर्ट,राष्ट्रीय जनसंख्या रजिस्ट्रर के आधार पर महारजिस्ट्रार द्वारा जारी स्मार्ट कार्ड, पेंशन दस्तावेज, संसद सदस्यो, विधानसभा व विधान परिषद सदस्यों को जारी आधिकारिक पहचान पत्र को दिखाकर मतदान किया जा सकेगा। उन्होंने बताया कि मनरेगा जाब कार्ड से उसकी उपस्थित स्थापित हो रही, लेकिन पहचान संबंधी दस्तावेज में दिए गए विवरण व मतदाता सूची में मतदाता के उपलब्ध विवरण में मामूली भिन्नता होने पर संबंधित मतदाता को मतदान से वंचित नहीं किया जाएगा।
ये भी पढ़ें- Kanpur: जीएसवीएम की कामयाबी: कुशिंग सिंड्रोम का ऑपरेशन कर बचाई युवती की जान, किडनी के पास से निकाली गांठ
