बरेली: छह माह और लटका सैटेलाइट पुल, फर्राटा भरने को करना पड़ेगा इंतजार
बरेली,अमृत विचार। लाकडाउन में निर्माणाधीन पुलों की रफ्तार थम गयी। अनलॉक हुआ तो एक माह यही उधेड़बुन में गुजर गया कि निर्माण कार्य के लिए मजदूर नहीं मिल रहे हैं। शासन के साथ स्थानीय प्रशासन का दबाव बढ़ा तो सेतु निगम ने सैटेलाइट पुल का निर्माण शुरू किया। सेतु निगम ने पुल का सिविल कार्य …
बरेली,अमृत विचार। लाकडाउन में निर्माणाधीन पुलों की रफ्तार थम गयी। अनलॉक हुआ तो एक माह यही उधेड़बुन में गुजर गया कि निर्माण कार्य के लिए मजदूर नहीं मिल रहे हैं। शासन के साथ स्थानीय प्रशासन का दबाव बढ़ा तो सेतु निगम ने सैटेलाइट पुल का निर्माण शुरू किया। सेतु निगम ने पुल का सिविल कार्य कोरोना काल में ही पूरा कर लिया है। अब महज पुल की सड़क और रेलिंग पर रंगाई-पुताई का कार्य होना है।
उम्मीद थी कि शहर के लोगों को दीपावली के गिफ्ट में ‘सेटेलाइट पुल’ मिलेगा। अधिकारी भी दावा कर चुके थे कि दीपावली तक पुल पर दोपहिया वाहन व कारें फर्राटा भरने लगेंगे। विद्युत ट्रांसमिशन कार्य पूरा नहीं होने की वजह से पुल अभी शुरू नहीं हो सकेगा। शहरवासियों को अभी छह माह का और इंतजार करना पड़ेगा।
जिलाधिकारी नितीश कुमार से शनिवार को कलेक्ट्रेट में बात हुयी, तब उन्होंने सेटेलाइट पुल शुरू होने की तस्वीर पेश की। बोले, तैयारी यही थी कि पुल पर हल्के वाहनों की आवाजाही शुरू करा देंगे लेकिन विद्युत सुरक्षा विभाग ने पुल के आसपास विद्युत ट्रांसमिशन के होने वाले कार्य को लेकर जो रिपोर्ट प्रस्तुत की उससे पुल के शुरू होने का समय और बढ़ गया। जिलाधिकारी कहते हैं कि तैयार पुल पर हल्के वाहनों की आवाजाही शुरू कराने के लिए कोई रास्ता निकालने का प्रयास करेंगे।
तो इसलिए पुल अभी शुरू नहीं कराया
जिलाधिकारी कहते हैं कि विद्युत सुरक्षा विभाग ने रिपोर्ट देकर बताया कि सेटेलाइट पुल की वजह से 132 केवीए डबल सर्किट ट्रांसमिशन की शिफ्टिंग और ऊंचाई बढ़ाने का कार्य होना है। दो मोनोपोल भी लगाने हैं। इस काम को 7.60 वर्ग मीटर भूमि की जरूरत है। कम ऊंचाई पर मोनोपोल लगा दिये गये तो राहगीरों के स्वास्थ्य पर गहरा असर पड़ेगा। ट्रांसमिशन लाइन से विद्युत चुंबकीय ऊर्जा की जो किरणें निकलती हैं वे स्वास्थ्य पर विपरीत असर डालती हैं। राहगीरों को इससे बचाने के लिए ट्रांसमिशन की शिफ्टिंग निर्धारित मानक के हिसाब से होनी है।
36.51 करोड़ रुपये से तैयार हो रहा पुल
सेटेलाइट पुल का निर्माण पहले 2678 लाख रुपये में प्रस्तावित किया गया था। बाद में पुनरीक्षित बजट की मांग की थी। पिछले दिनों ही संयुक्त सचिव अभय कुमार ने 3651 लाख का पुनरीक्षित बजट को वित्तीय स्वीकृति मिलने के बाद आदेश जारी किया था।
लालफाटक पुल: रक्षामंत्री से फिर फोन पर बात करेंगे डीएम
बरेली। जिलाधिकारी नितीश कुमार ने बताया कि लालफाटक पुल का कार्य एनओसी न मिलने की वजह से लटका है। एनओसी के लिए हर प्रयास किये जा रहे हैं। पूर्व में उन्होंने स्वयं रक्षामंत्री राजनाथ सिंह से बात की थी। अब फिर बात करेंगे। केंद्रीय मंत्री संतोष गंगवार, सांसद धर्मेंद्र कश्यप भी एनओसी के लिए कई बार रक्षामंत्री से भेंट कर चुके हैं।
चौपुला ओवरब्रिज: निर्माण जल्द कराने को डीएम ने शासन से जेई
बरेली। चौपुला ओवरब्रिज का निर्माण जल्द कराने के लिए जिलाधिकारी ने शासन से सेतु निगम के लिये कई जेई की मांग की है। डीएम के अनुसार निगम के पास जेई कम हैं। इस वजह से पुल का कार्य गति नहीं पकड़ पा रहा है। कार्य तेज कराने के लिए शासन को जेई नियुक्त करने के लिए पत्र लिखा है।
