पीलीभीत: बच्चों के इम्तिहान में शिक्षक फेल, 657 स्कूलों में से 103 हो सके निपुण...लापरवाही भी उजागर 

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शैक्षिक सत्र 2023- 24 में कराई गई थी परीक्षा,

पीलीभीत, अमृत विचार। परिषदीय विद्यालयों में पढ़ने वाले बच्चों को निपुण बनाने के लिए सरकार की ओर से योजना चलाई जा रही है। जिसमें नौनिहालों का ज्ञान बढ़ाने में शिक्षक फेल साबित हुए है। निपुण असेसमेंट परीक्षा में बच्चे कमजोर साबित हुए। निपुण अभियान के तहत परिषदीय विद्यालयों में ओएमआर शीट पर परीक्षा भी कराई गई थी।

परीक्षा के बाद डायट की ओर से थर्ड पार्टी असेसमेंट कराया गया था। जिसमें जिले के 103 विद्यालय ही निपुण हो सके हैं। जबकि 532 विद्यालयों में छात्र-छात्राएं निपुण नहीं हो सके। डायट की ओर से सिर्फ 80 फीसदी अधिक रिजल्ट पाने वालों को ही निपुण की श्रेणी में शामिल किया है। इसको देखते हुए अब बीएसए की ओर से समस्त स्कूलों के प्रधानाध्यापकों को पत्र जारी करते हुए सुधार करने की चेतावनी दी गई है।

बेसिक शिक्षा विभाग के प्राथमिक, और कंपोजिट विद्यालयों में नेट परीक्षा का आयोजन कराया गया था। 926 प्राइमरी और 282 कंपोजिट विद्यालय संचालित होते हैं। जिनमें  66,054 छात्र-छात्राएं पंजीकृत थे। इस परीक्षा के तहत कक्षा एक से तीन तक के बच्चों की परीक्षा का आधार निपुण लक्ष्य को लेकर हुई थी। परीक्षा का उद्देश्य छात्र-छात्राओं का वास्तविक बेस आकलन करना था। यह परीक्षा ओएमआर सीट पर कराई गई थी। जिसमें कक्षा एक में 12635 छात्र-छात्राएं पंजीकृत थे। जिसमें 11399 ने परीक्षा दी। वहीं कक्षा दो में 27657 पंजीकृत थे। जिनमें 24621 ने प्रतिभाग किया। इसके अलावा कक्षा तीन में 25852 छात्र-छात्राएं पंजीकृत थे। इनमें 22927 ने प्रतिभाग किया। यह परीक्षा शैक्षिक सत्र 2023-24 में कराई गई थी। 

जिसके बाद डायट की ओर से इन स्कूलों में 635 स्कूलों में थर्ड पार्टी निपुण एस्समेंट कराया गया। डायट की रिपोर्ट में सिर्फ 635 में 103 विद्यालय ही निपुण हो सके। जबकि 532 विद्यालयों में छात्र-छात्राएं निपुण नहीं हो सके। बेसिक शिक्षा विभाग की जानकारी के अनुसार अमरिया ब्लॉक में कुल 79 परिषदीय स्कूलों को निपुण का थर्ड पार्टी एस्समेंट कराया गया। जिसमें मात्र 14 स्कूल ही निपुण हो सके। 

इसके अलावा बरखेड़ा ब्लॉक में 79 में 13,बिलसंडा में 82 में आठ, बीसलपुर में 99 में 33, जहानाबाद में एक में एक, ललौरीखेड़ा में 78 में नौ, मरौरी में 83 में दो, नगरीय क्षेत्र में 16 में शून्य और पूरनपुर में 118में 23 स्कूलों के बच्चे ही निपुण हो सके थे। इनमें भी अधिकतर 40 फीसदी अंक हासिल करने वाले बच्चे शामिल है। जिससे यह साबित हो गया कि स्कूलों में पढ़ाई का स्तर क्या है। अब नए शैक्षिक सत्र शुरु होने के बाद बीएसए की ओर से सभी को तैयारी करने के निर्देश दिए गए हैं। ताकि व्यवस्था में सुधार किया जा सके।

पूरनपुर और नगरीय क्षेत्र की स्थिति दयनीय
निपुण एस्समेंट में पूरनपुर के अलावा नगरीय क्षेत्र यानी शहर के स्कूलों की स्थिति दयनीय देखने को मिली। जबकि अफसरों की नाक के नीचे यह स्कूल  संचालित हैं। फिर शहरी क्षेत्र में एक भी स्कूल निपुण नहीं हो सका। पूरनुपर में 118 में 23 स्कूलों को ही 80 फीसदी से अधिक अंक मिल सके। इन सवालों के पीछे स्कूलों में शिक्षकों की कमी बताई जा रही है। जिस वजह से बच्चे निपुण नहीं हो सके। मगर सवाल यह उठता है जो मौजूद है वह स्कूलों में बच्चों को कितना पढ़ा रहे है और किस स्तर पर पढ़ा  रहे हैं। फिलहाल हालत कुछ भी रह हो, लेकिन करोड़ों रुपये खर्च करने के बाद भी बेसिक शिक्षा की तस्वीर सुधारने का नाम नहीं ले रही है।

छह भागों में बांटा गया निपुण असेसमेंट का रिजल्ट
निपुण असेसमेंट टेस्ट का रिजल्ट छह ग्रेड में बांटा गया है। 90 से 100 फीसदी अंक हासिल करने वाले बच्चे  को ए प्लस ग्रेड, 75 से 90 फीसदी अंक हासिल करने वाले बच्चे को ए ग्रेड, 60 से 75 फीसदी फीसदी अंक हासिल करने वाले बच्चे को बी ग्रेड, 50 से 60 फीसदी अंक हासिल करने वाले बच्चों को सी ग्रेड, 40 से 50 फीसदी अंक हासिल करने वाले बच्चे को डी ग्रेड और शून्य से 40 फीसदी अंक पाने वाले बच्चे को ई ग्रेड में रखा गया है। शासन की ओर से बी ग्रेड तक बच्चे को मानक के अनुरूप माना गया है। सी, डी और ई ग्रेड के बच्चों को निपुण असेसमेंट के दूसरे चरण में अपेक्षित शैक्षिक गुणवत्ता प्रदान कराने की कोशिश की जा रही है।

निपुण एस्समेंट शैक्षिक सत्र  2023-24 में कराया गया था। जिसमें 635 स्कूलों में 103 ही निपुण हो सके। शेष स्कूलों को नोटिस भी जारी किया है। साथ ही नए शैक्षिक सत्र में सुधार करने के लिए भी पत्र जारी किया गया है। जिला समन्वयक ट्रेनिंग को प्रतिदिन निरीक्षण करने के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही स्कूलों में सुधार कराने के लिए कहा गया है। ताकि आगे होने वाले निपुण एस्समेंट में सुधार आ सके। - अमित कुमार सिंह, बीएसए

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