Banda: तीसरी आंख की निगरानी में बंद हुई दर्जनभर प्रत्याशियों की किस्मत, स्ट्रांग रूम के पास परिंदा भी नहीं मार सकता पर

Amrit Vichar Network
Edited By Amrit Vichar
On

बांदा, अमृत विचार। बांदा-चित्रकूट लोकसभा सीट पर किस्मत आजमा रहे सभी प्रत्याशियों की किस्मत त्रिस्तरीय सुरक्षा घेरे में कैद हो गई। यहां सुरक्षा के इतने कड़े प्रबंध किए गए हैं कि परिंदा भी पर नहीं मार सकता है। अधिकारियों को भी इंट्री दर्ज करने के बाद ही स्ट्रांग रूम के अंदर जाने दिया जा रहा है। चारो तरफ सीसीटीवी कैमरे लगाकर हरेक पल पर कड़ी निगरानी रखी जा रही है।

सोमवार को बांदा-चित्रकूट संसदीय क्षेत्र में मतदान खत्म होने के बाद ईवीएम को त्रिस्तरीय सुरक्षा घेरे में रखा गया है। तिंदवारी रोड स्थित मंडी समिति परिसर में सुरक्षा व्यवस्था के कड़े इंतजाम किए गए हैं। स्ट्रांग रूम की सुरक्षा अर्द्धसैनिक बल के हाथों में है। सुरक्षा के लिहाज से पुलिसकर्मियों को भी अंदर जाने की इजाजत नहीं है। अंदर आने जाने वाले अधिकारियों की इंट्री रजिस्टर में दर्ज की जा रही है। 

पहले घेरे में अर्द्धसैैनिक बल की एक कंपनी तैनात की गई है। दूसरे घेरे की कमान एक प्लाटून पीएसी के हवाले है। बाहरी घेरे में एक दर्जन से अधिक पुलिस कर्मियोें की तैनाती की गई है। इसकी कमान कई निरीक्षकों के हाथों में है। वहीं प्रत्याशी व उनके समर्थक भी स्ट्रांग रूम के बाहर सुरक्षा का जायजा भी ले रहे हैं। एक पखवारा बाद मतणगना होगी। चुनाव आयोग ने ईवीएम की सुरक्षा के लिए सख्त निर्देश दिए हैं। 

सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लेकर हर दिन रिटर्निंग अधिकारी सुबह और शाम स्ट्रांग रूम का निरीक्षण कर अपनी रिपोर्ट जिला निर्वाचन अधिकारी को भी दे रहे हैं। यह रिपोर्ट रोजाना आयोग को भेजी जा रही है। आयोग के निर्देश के बाद स्ट्रांग रूम में चैबीस घंटे बिजली और आग से बचाव के इंतजाम भी प्रशासन ने किए हैं। 

उधर, अपर पुलिस अधीक्षक लक्ष्मी निवास मिश्रा ने बताया कि मतगणना होने तक स्ट्रांग रूम को कड़े सुरक्षा घेरे में तब्दील कर दिया गया है। पूरा परिसर सीसीटीवी कैमरे में लैस है। स्ट्रांग रूम में पुलिस कर्मियों को भी जाने की इजाजत नहीं है। सुरक्षा की कमान अर्द्धसैैनिक बल के हवाले है। सुरक्षा के लिए नोडल अधिकारी मतगणना तक निगरानी करेंगे।

इस तरह बना सुरक्षा घेरा

- हर स्ट्रांग रूम के प्रथम घेरे में अर्द्धसैनिक बल के जवान चौबीस घंटे मुस्तैद हैं।
- अंदरूनी सुरक्षा से आगे दूसरे घेरे में भी पुलिस के जवान तैनात किए गए हैं।
- तीसरा और सबसे बाहरी घेरा जिले की पुलिस फोर्स का लगाया गया है।
- किसी अधिकृत व्यक्ति के दूसरे सुरक्षा घेरे के अंदर प्रवेश करने पर हो रही वीडियोग्राफी।
- किसी भी व्यक्ति के स्ट्रांग रूम में आने पर उसका पूरा ब्योरा दर्ज कराया जा रहा है।
- प्रत्याशी या उनके एजेंट भी सीसीटीवी के जरिए स्ट्रांग रूम की मानीटरिंग कर रहे।

यह भी पढ़ें- कानपुर के इस गांव में मक्खियों का आतंक, लोग पलायन करने को मजबूर, ग्रामीण बोले- ऐसा ही रहा तो गांव में नहीं होगी शादी

 

संबंधित समाचार