पीलीभीत: बेटे की चली गई जान, मजदूरी मिली न आर्थिक मदद...ठेकेदारों ने दो लाख रुपये दिलाने की बात कहकर कराया था समझौता
घचिहाई, अमृत विचार। गोरखपुर के एक भट्ठे पर मिट्टी निकालने के लिए किए गए गड़्ढे में गिरकर श्रमिक की दो साल के बेटे की मौत हो गई। ठेकेदारों ने उस वक्त आर्थिक मदद की बात कहकर परिवार को चुप करा दिया लेकिन फिर न तो मजदूरी के रुपये दिए गए न ही आर्थिक मदद के तौर पर बताई गई रकम। रुपये मांगने पर धमकी देकर भगा दिया। पुलिस शिकायत मिलने पर जांच में जुट गई है।
थाना क्षेत्र के गांव कबीरपुर कसगंजा निवासी जमालुद्दीन ने पुलिस को दी तहरीर में बताया कि वह मजदूरी करते हैं। कुछ माह पहले तीन ठेकेदारों के साथ उसका पूरा परिवार गोरखपुर के बरसेली गांव में ईंट भट्टे पर मजदूरी करने के लिए ले गया था। वहां ईंट पथाई का काम मिला। भट्टा स्वामी के अलावा ठेकेदारों ने खेत की मिट्टी निकलवा कर बड़ा गड्ढा खुदवाया था। हादसे की आशंका बताते हुए ऐसा करने से मना भी किया गया था। मगर किसी ने सुना नहीं।
14 मई को उसका दो साल का पुत्र हैदर अली खोदे गए गड्ढे में गिर गया, उसकी मौके पर ही मौत हो गई। ठेकेदारों ने समझौता कराते हुए दो लाख रुपये पीड़ित परिवार को दिलाने का वादा किया था। इसके बाद सुलह कराकर मामला रफा दफा कर दिया। इस पर परिवार संग पीड़ित वापस आ गया। मगर ठेकेदारों ने अभी तकरुपए नहीं दिलाए। भट्ठे पर की गई मजदूरी का भी रुपया नहीं मिला। रुपए मांगने पर टालमटोल की गई।
बुधवार को वह अपने रुपए मांगने गए तो आरोप है कि ठेकेदारों ने उसके साथ गाली गलौज करते हुए मारपीट करने पर आमादा हो गए। जान से मारने की धमकी दी। एसओ धर्मेंद्र कुमार ने बताया कि मामले की जांच की जा रही है।
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