शाहजहांपुर: ग्रीष्मावकाश में समर कैंप के आदेश से शिक्षकों का चढ़ा पारा, शिक्षक संघों ने बीएसए के समक्ष जताया विरोध
शाहजहांपुर, अमृत विचार। महानिदेशक स्कूल शिक्षा एवं राज्य परियोजना निदेशक कार्यालय से बेसिक शिक्षकों के लिए फरमान जारी किया गया है, जिसमें विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर ईको क्लब फॉर मिशन लाइफ की गतिविधियों संचालित कराने को कहा गया है। यह आयोजन पांच से 11 जून तक चलाने के आदेश जारी किए गए हैं।
राष्ट्रीय शिक्षा नीति का हवाला देते हुए महानिदेशक कंचन वर्मा ने संबंधित आदेश 24 मई को जारी किया है, जिसमें कहा गया है कि पांच से 11 जून तक परिषदीय प्राथमिक और उच्च प्राथमिक विद्यालयों में विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर शिक्षकों द्वारा समर कैंप आयोजित किए जाएं। समर कैंप को लोकप्रिय बनाने के लिए वाद-विवाद, पेंटिंग, पोस्टर मेकिंग जैसी गतिविधियों का संचालन किया जा सकता है।
चूंकि परिषदीय स्कूलों ग्रीष्मावकाश चल रहा है और अधिकांश शिक्षक गर्मी की छुट्टियों में अपने घर (गैर जनपदों) चले गए हैं और स्थानीय शिक्षक भी परिवार के साथ घूमने निकले हुए हैं, इसलिए जून में इस प्रकार के आयोजन घोषित होने से शिक्षक संगठनों में रोष व्याप्त है। इस सिलसिले में शिक्षक संगठनों ने बीएसए रणवीर सिंह से मुलाकात कर व्यवहारिक पक्ष रखा और आयोजन का पुरजोर विरोध करने का निर्णय लिया है।
समर कैंप किसी भी दृष्टिकोण से अनुकूल नहीं
उत्तर प्रदेशीय प्राथमिक शिक्षक संघ ने परिषदीय विद्यालयों में 20 मई से 15 जून तक चल रहे ग्रीष्मावकाश अवधि में परिषदीय विद्यालयों में समर कैंप को अव्यवहारिक बताते हुए आदेश निरस्त करने की मांग की है। संघ के जिलाध्यक्ष मुनीश मिश्र के नेतृत्व में प्रतिनिधिमंडल ने बीएसए रणबीर सिंह को दिए ज्ञापन में कहा कि वर्तमान समय में प्रदेश में भीषण गर्मी पड़ रही है। तापमान लगभग 50 डिग्री के आसपास पहुच रहा है। दर्जनों लोग प्रतिदिन भीषण गर्मी से हताहत हो रहे हैं।
स्वास्थ्य विभाग द्वारा भी गर्मी में बाहर न निकलने का सुझाव दिया गया है। ऐसी स्थिति में ग्रीष्मावकाश में समर कैम्प कराया जाना किसी भी दृष्टिकोण से अनुकूल नहीं है, इसलिए घोषित समर कैंप तत्काल स्थगित किया जाए। प्रतिनिधिमंडल में यशपाल सिंह यादव, राजकुमार तिवारी, प्रदीप सिंह, राजकुमार सिंह, महेंद्र पाल सिंह, अश्विनी अवस्थी, नितिन मिश्रा आदि शामिल रहे।
अव्यवहारिक आदेश तत्काल वापसी की मांग, ज्ञापन
उत्तर प्रदेशीय प्राथमिक शिक्षक संघ के एक अन्य संगठन के जिलाध्यक्ष ऋषिकांत पांडेय के नेतृत्व में प्रतिनिधिमंडल ने बीएसए रणवीर सिंह से मिलकर स्कूल शिक्षा महानिदेशक के पांच से 11 जून तक चलाए जाने वाले समर कैंप का विरोध करते हुए ज्ञापन दिया।
महानिदेशक को संबोधित ज्ञापन में कहा गया है कि भीषण गर्मी के दौरान समर केंप संचालित करने संबंधी आदेश अगर स्थगित नहीं किया गया तो शिक्षक आंदोलन को मजबूर होंगे। ज्ञापन में कहा गया है कि वैसे भी ग्रीष्म अवकाश सरकार द्वारा 15 दिन कम कर दिया। दो साल पहले तक ग्रीष्म अवकाश 21 मई से 30 जून तक होता था। अब बेसिक शिक्षा परिषद में 15 जून तक ही कर दिया गया है।
इन दिनों चल रही हीटवेव और भीषण तपिश में विद्यालय खोलकर कोई भी कार्यक्रम चलाना अव्यवहरिक और अनुचित है, इसलिए ऐसे तानाशाही भरे आदेश को निरस्त किया जाए। अन्यथा शिक्षक आंदोलन को मजबूर होंगे। ज्ञापन देने वालों में जिला वरिष्ठ उपाध्यक्ष डॉ. रत्नाकर दीक्षित, महामंत्री सुनील मौर्या, उपाध्यक्ष रिपुदमन सिंह यादव, भुवनेश गुप्ता, धीरज रस्तोगी, नवनीत तिवारी आदि शिक्षक शामिल रहे।
परिषदीय विद्यालयों में समर कैंप का प्रांतीय अनुसूचित जाति/जनजाति बेसिक शिक्षक संघ विरोध करता है। भीषण गर्मी के चलते सरकार द्वारा बचाव के लिए चेतावनी जारी है। वातानुकूलित कमरे में बैठकर शासनादेश जारी करते समय यह भी ध्यान नहीं रखा गया कि परिषदीय विद्यालयों में कम उम्र के नौनिहालों और मासूम बच्चों के स्वास्थ्य पर क्या प्रभाव पड़ेगा। ऐसे में समर कैंप आयोजित करना बच्चों और शिक्षकों की जान से खिलवाड़ कराना होगा।- अजय वर्मा, जिलाध्यक्ष एससी एसटी बेसिक शिक्षक संघ
महानिदेशक का आदेश किसी कीमत पर शिक्षक स्वीकार नहीं करेंगे। ग्रीष्मावकाश बेसिक शिक्षा विभाग के कैलेंडर का हिस्सा है, ऐसे में भीषण गर्मी में स्कूल खोलने के आदेश नहीं दिए जाने चाहिए। इस प्रकार के अव्यवहारिक आदेशों का हर स्तर पर विरोध किया जाएगा। ग्रीष्मावकाश में बड़ी संख्या में शिक्षक-शिक्षिकाएं अपने गृह जनपद जा चुके हैं, ऐसे में कोई भी वापस नहीं आ सकता है। परिषदीय स्कूलों में समर कैंप चलाना संभव ही नहीं है, इसका पुरजोर विरोध किया जाएगा। - मगरे लाल, जिलाध्यक्ष पूर्व माध्यमिक शिक्षक संघ
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