भर दे झोली मेरी... कोई शेरवानी तो कोई साफा लेकर पहुंचा गाजी की दरगाह, आयेगी बारात
बहराइच, अमृत विचार। दरगाह में स्थित सैयद सालार मसूद गाजी का उर्स इस समय चल रहा है। मेला एक माह तक चलेगा। दरगाह मेले की पहली चौथी रविवार को होगी। इसके लिए दूर दराज के बराती शामिल होने के लिए आ रहे हैं। कोई साफा तो कोई शेरवानी गाजी सरकार को भेंट कर रहा है।
दरगाह जेठ मेला अपने शबाब पर पहुंचने लगा है। दरगाह मेले में दूर दराज से आने वाले जायरीन या गाजी दुआ करो, रहम करो समेत अन्य नारों से गुंजायमान है। दरगाह मेले में जहां सर्कस और झूला लोगों के मनोरंजन का केंद्र बने हुए हैं। वहीं हजारों की संख्या में जायरीन का आना जाना लगा है। तेज धूप और भीषण गर्मी के बीच भी जायरीन की आमद कम नहीं हो रही है। बल्कि इनकी संख्या बढ़ती जा रही है। दरगाह मेले में लकड़ी, कांच, कालीन और मिट्टी के बने सामान लोगों के बीच आकर्षण बने हुए हैं। दरगाह प्रबंध समिति अध्यक्ष शमशाद अहमद एडवोकेट ने बताया कि मेला पूरी तरह से जायरीन से गुलजार है। मेले में 24 घंटे लोगों का आवागमन है। सुरक्षा के लिए जगह जगह पुलिस लगी हुई है। वहीं प्रबंध समिति के सदस्य भी नजर रख रहे हैं।
शाम को इलाहाबाद उच्च न्यायालय के दो न्यायाधीश ने मेले का उद्घाटन किया। इनमें इलाहाबाद उच्च न्यायालय लखनऊ बेंच के न्यायमूर्ति फ़ैज़ आलम एवं न्यायमूर्ति शमीम अहमद शामिल रहे। मेले में उद्घाटन को लेकर काफी भीड़ रही।

बिना दूल्हा के आएगी बारात
दरगाह के मेले में देश के विभिन्न हिस्सों के अलावा नेपाल के बराती आयेंगे। दरगाह प्रबंध समिति सदस्य बच्चे भारती ने बताया कि 350 से अधिक बराती आने की संभावना है। उन्होंने बताया कि दरगाह में बिना दूल्हा के सभी बराती आएंगे।
साफा और शेरवानी की भेंट
दरगाह के जेठ मेले में प्रयागराज से एक परिवार मेले में शामिल होने के लिए आया। जेठ मेले में आए परिवार ने प्रयागराज से आय परिवार ने ग़ाज़ी मियां की बारात के अवसर पर साफा, शेरवानी,कुर्ता, पैजामा, नागरा पेश किया।
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