पोर्टल पर अपलोड नहीं किया बिल-बाउचर तो नहीं होगा भुगतान, 5 जून से लागू होगी नई व्यवस्था

Amrit Vichar Network
Edited By Amrit Vichar
On

बाराबंकी, अमृत विचार। ग्राम पंचायतों में होने वाले खर्च के बिल, मस्टर रोल व वाउचर ई-ग्राम स्वराज पोर्टल पर अपलोड करना अनिवार्य कर दिया गया है। यह व्यवस्था पांच जून से लागू होगीं। बिल बाउचर अपलोड न होने पर भुगतान नहीं किया जाएगा।

जिले में पंद्रह ब्लॉकों में ग्राम पंचायतों की संख्या 1155 है। केंद्र व प्रदेश सरकार गांवों के विकास के लिए केंद्रीय व राज्य वित्त से तीन से चार माह में 20 से 25 करोड़ की धनराशि देती है। यह पैसा ग्राम पंचायत के खाते में आता है। अभी तक इस धनराशि से ग्राम प्रधान और सचिव डोंगल के जरिए सामग्री उपलब्ध कराने वाली फर्म को भुगतान करते हैं। इस भुगतान राशि का जिक्र पोर्टल पर तो किया जाता है लेकिन बिल व वाउचर अपलोड करने की अनिवार्यता नहीं है। इसके चलते इस धनराशि से ग्राम पंचायतों में कराए जाने वाले विकास कार्यों को लेकर सवाल भी उठते रहते हैं। कई मामलों में तो जिम्मेदार कार्य कराते नहीं हैं और भुगतान करा लेते हैं। बिना बिल व वाउचर के जिम्मेदार बड़े-बड़े खेल कर देते हैं। इस पर अंकुश लगाने के लिए शासन ने विकास कार्यों पर खर्च की गई धनराशि का बिल व वाउचर भी अपलोड करने की व्यवस्था तैयार की है। पांच जून से शुरु होने जा रही इस व्यवस्था में हर काम का बिल व वाउचर ऑनलाइन अपलोड करना होगा। ऐसा न करने पर ग्राम पंचायत निधि खाते से भुगतान नहीं हो सकेगा। इसके साथ ही ग्राम पंचायतों के ऑडिट करने में आसानी होगी। जब ग्राम पंचायतों के हर कार्य का बिल व वाउचर ऑनलाइन अपलोड होगा तो लेखा परीक्षकोंं को ऑडिट करने में आसानी रहेगी। अभी तक हर साल ऑडिट के दौरान प्रधान व सचिव पूरे बिल व वाउचर नहीं उपलब्ध करा पाते हैं। इससे ऑडिट पूरा नहीं हो पाता है। खर्च के अभिलेख ग्राम सचिवालय के कंप्यूटर से ही अपलोड कर उसी से भुगतान भी किया जाएगा।

ग्राम पंचायतों में यह होते हैं कार्य
खड़ंजा, इंटरलाकिंग, सीसी, नाला, नाली, अंतेष्टिस्थल, पंचायत भवन समेत कई अन्य कार्य शामिल हैं। 

अब पंचायत सचिवालय से ही होगा भुगतान
ग्राम पंचायतों में विकास कार्यों के भुगतान में होने वाली गड़बड़ियों पर लगाम लगाने के लिए व्यवस्था में परिवर्तन किया गया है। हर बिल, वाउचर या मस्टरोल को भुगतान से पूर्व अनिवार्य रुप से पोर्टल पर अपलोड करना होगा। भुगतान पंचायत सहायक के रजिस्टर्ड मोबाइल पर क्यूआर कोड प्राप्त करके उसके चेहरे की पहचान के बाद उसी कंप्यूटर से हो सकेगा, जिसकी जियो फेसिंग पंचायत सचिवालय पर की गई है।

वर्जन--
नई व्यवस्था के संबंध में सभी जिम्मेदार अधिकारियों व कर्मचारियों को बता दिया गया है। इससे फर्जी भुगतान पर रोक लग सकेगी। -डीपीआरओ नितेश भोंडेले

ये भी पढ़ें -बाराबंकी: समय से पहले बाजार में आया आम बिगाड़ देगा आपकी सेहत, पढ़िए विशेषज्ञ की ये सलाह

संबंधित समाचार