सड़कों पर वाहनों की रफ्तार बनी काल, मई महीने में 20 से अधिक लोगों की गयी जान
उमानाथ तिवारी/गोंडा, अमृत विचार। सड़कों पर वाहनों के रफ्तार काल बन गई है। ओवर स्पीड के चवते आए दिन हादसे हो रहे हैं और लोगों को अपनी जान गंवानी पड़ रही है। सिर्फ मई महीने में एक दर्जन से अधिक बड़े सड़क हादसे हो चुके हैं और इन हादसों में 20 से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है। जिले में ताबड़तोड़ हो रहे इन सड़क हादसों ने यातायात जागरुकता कार्यक्रमों को कटघरे में खड़ा कर दिया है। हर दिन हो रहे हादसों ने इन कार्यक्रमों की पोल खोल दी है। लाखों रुपये खर्च कर इन जागरुकता कार्यक्रमों का संचालन करने वाला जिला प्रशासन हादसों पर अंकुश लगाने में विफल साबित हो रहा है।
इन दुर्घटनाओं पर नजर डालें तो इनमें से अधिकतर घटनाएं ओवर स्पीड तथा ओवरटेकिंग में हुए हैं। इनमें सीधे तौर पर चालक की लापरवाही सामने आई है। अयोध्या हाइवे पर वजीरगंज के पास हुआ सड़क हादसा हो या फिर नवाबगंज थाना क्षेत्र में एसयूवी से तीन युवकों को रौंदने का मामला। इन सभी घटनाओं के पीछे वाहनों की ओवर स्पीड और चालक की लापरवाही ही रही है। 29 मई को भाजपा सांसद बृजभूषण शरण सिंह के बेटे व कैसरगंज लोकसभा सीट से भाजपा प्रत्याशी करण भूषण सिंह के काफिले की कार से हुए हादसे का कारण भी ओवरस्पीड ही रहा है। इस हादसे में कार ने बाइक सवार युवकों को रौंद दिया। दोनों की मौके पर ही मौत हो गयी,जबकि सड़क किनारे जा रही एक महिला गंभीर रूप से घायल हुई। महिला का अभी इलाज चल रहा है।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार जिस वक्त हादसा हुआ उस समय पुलिस स्कोर्ट लिखी फार्च्यूनर कार 100 किमी की रफ्तार से थी और काफिले में शामिल दूसरी गाड़ियों को ओवर टेक करने का प्रयास कर रही थी। पुलिस ने भले ही आरोपी चालक को गिरफ्तार कर लिया हो लेकिन जिस तरह से लग्जरी गाडियां ग्रामीण इलाकों की सड़कों पर ओवर स्पीड में फर्राटा भर रहीं हैं वह बेहद चिंताजनक है और पुलिस प्रशासन इन वाहनों पर अंकुश लगाने में विफल साबित हो रहा है। यही कारण है कि सड़कों पर बेतहाशा हादसे हो रहे हैं और लोगों की जान जा रही है।
मई महीने में हुए सड़क हादसों पर एक नजर
- 7 मई: गोंडा उतरौला मार्ग पर बिसवां गांव के समीप बाइक सवार युवक रंजीत सिंह की मौत
- 7 मई: को वजीरगंज थाना क्षेत्र के तुर्काडीहा उदयपुर ग्रंट मार्ग पर चौराहे के पास बिजली के खंभे से टकराकर बाइक सवार युवक की मौत
- 10 मई: ट्रक व स्कॉरपियो में आमने सामने की भिड़ंत में चालक समेत 3 की मौत
- 14 मई: सड़क किनारे खड़े तीन युवकों को इंडीवर कार ने रौंदा, सगे भाइयों समेत तीन की मौत
- 16 मई: तेज रफ्तार डंफर ने किशोर को कुचला, काटना पड़ा।
- 21 मई: तेज रफ्तार पिकअप की ठोकर से शिक्षक भूपतिमणि शुक्ला की मौत
- 21 मई: चुनाव ड्यूटी से वापस लौट रहे शिक्षक राजकुमार जाटव की सड़क हादसे में मौत
- 21 मई: ट्रक की ठोकर से रेलवे के लोको पायलट को वीरेंद्र कुमार शर्मा की मौत
- 23 मई: ई रिक्शा से टक्कर से बाइक सवार युवक आमीर खान की मौत
- 26 मई: ट्रैक्टर-ट्राली के नीचे दबकर श्रमिक राम भवन यादव की मौत
- 28 मई : डंफर से कुचलकर बाइक सवार अवधेश कुमार दूबे की मौत
- 29 मई: भाजपा प्रत्याशी करण भूषण सिंह के काफिले की फॉर्च्यूनर कार से कुचलकर 2 युवकों रेहान व शहजाद की मौत
रोड सेफ्टी रूल का पालन न करना दुर्घटना का बड़ा कारण
सड़क हादसों पर नियंत्रण के लिये लगातार जागरुकता अभियान चलाकर वाहन चालकों को सचेत किया जाता है लेकिन इसे विडंबना ही कहेंगे कि लोग रोड सेफ्टी नियमों को बेहद हल्के तौर पर लेते हैं। यह दुर्घटना का सबसे बड़ा कारण हैं। फिर भी विभाग लगातार प्रयास करता है कि लोग यातायात नियमों के प्रति सजग रहें ताकि किसी को भी दुर्घटना का दंश न झेलना पड़े। वहीं ओवर स्पीड को लेकर भी विभाग इंफोर्समेंट की कार्रवाई कर रहा है। अब विभाग को इंटरसेप्टर वाहन भी मिल गया है जिससे लगातार ओवर स्पीड चलने वाले वाहनों पर नजर रखी जा रही है और उनके खिलाफ कार्रवाई की जा रही है। फिर भी लोगों से अपील है कि वह यातायात नियमों का पालन करें। हेलमेट का प्रयोग करें और वाहन धीमी गति से चलाएं ताकि किसी को भी हादसे का शिकार न होना पड़े।
- शैलेंद्र तिवारी, पीटीओ-गोंडा
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