बाराबंकी: बंदरों के हमले से आधा दर्जन से अधिक जख्मी, मचा रहे उत्पात
बंदरों के काटने के बाद लगाए जाने वाले इंजेक्शन प्राथमिक क्या स्वास्थ्य केंद्र त्रिलोकपुर में नहीं है मौजूद
रामनगर/ बाराबंकी, अमृत विचार । बंदरों के हमले से करीब आधा दर्जन से अधिक लोग जख्मी हो गए। जख्मी लोग जब रेबीज इंजेक्शन लगवाने प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र त्रिलोकपुर गए तो वहां यह इंजेक्शन उपलब्ध नहीं रहा। लोगों ने प्राइवेट अस्पताल व सीएससी रामनगर जाकर इंजेक्शन लगवाए। इधर लगभग पखवाड़े भर से कस्बा त्रिलोकपुर में बंदरों ने उत्पाद मचा रखा था। बंदरों के काटने से लगभग आधा दर्जन लोग जख्मी हो गए। यही नहीं आसपास के जंगलों में बड़ी संख्या में बंदरों के होने के कारण किसने की फसल भी बंदरों के उत्पाद मचाने की वजह से नष्ट हो रही है।
अब इन बंदरों ने त्रिलोकपुर कस्बे की ओर रुख कर लिया है। यहां आकर यह बंदर लोगों के मकान के छतोंं पर कपड़े को उठाकर फाड़ दे रहे हैं। लोगों की यह भी शिकायत है की छत के ऊपर लगी पानी की टंकी को भी यह बंदर तोड़ रहे हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि बंदर घर के अंदर घुसकर खाने-पीने की चीज उठाकर ले जा रहे हैं। झुंड में कुछ बंदर पागल भी है जो लोगों को काट रहे हैं।
आए दिन यह बच्चों महिलाओं व बुजुर्गों पर हमला कर उन्हें जख्मी कर दे रहे हैं। अंश यादव आराध्या उस्मान छोटू सिराज सहित दर्जनों लोगों को यह बंदर अभी तक काट चुके हैं। क्षेत्रीय लोगों ने वन विभाग से इन बंदरों को पकड़ने की शिकायत भी की लेकिन उसका कोई असर जिम्मेदारों पर दिखाई नहीं दिया। मजबूर होकर क्षेत्रीय लोगों को जिलाधिकारी सत्येंद्र कुमार झा से बंदरों को पकड़वाने की मांग करनी पड़ रही है।
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