बरेली: 22 जून को नगर निगम कार्यकारिणी का चुनाव, शामिल होंगे 6 नए सदस्य

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Edited By Amrit Vichar
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बरेली, अमृत विचार: नगर निगम की कार्यकारिणी के 12 सदस्यों में से 6 का कार्यकाल पूरा हो चुका है। चुनाव आचार संहिता खत्म होने के बाद नए सदस्यों के चयन के लिए 22 जून को बैठक बुलाई गई है। मतदान हुआ तो एक कार्यकारिणी के सदस्य के चयन के लिए 14 वोट चाहिए होंगे। फिलहाल संख्या बल कम होने के कारण सपा को एक ही सीट मिलती दिख रही है। बाकी पांच अपने खाते में मान रही भाजपा छठवीं सीट भी हथियाने की कोशिश में जुटी हुई है। ।

नगर निगम की कार्यकारिणी का कार्यकाल 1 जून को खत्म हो गया था। इसके बाद नए सदस्यों के चुनाव की तिथि घोषित कर दी गई है। नगर निगम में फिलहाल 80 पार्षद और 4 पदेन सदस्य है। इनमें 52 भाजपा, पांच सपा और दो कांग्रेस के हैं। निर्दलीय चुने गए 20 पार्षदों में भी कुछ भाजपा में जा चुके हैं। इससे भाजपा खुद को मजबूत मान रही है। बदले राजनीतिक परिदृश्य में सपा भी दो पार्षदों को कार्यकारिणी में भेजने की योजना बना रही है। कार्यकारिणी के कुल 12 सदस्यों में से 10 भाजपा और दो सपा के है।

ऐसे में देखना दिलचस्प होगा कि बैठक में भाजपा और सपा के कितने सदस्य कार्यकारिणी से बाहर होंगे। पार्षदों की संख्या बल पर गौर किया जाए तो 52 भाजपा के पार्षद है। जबकि सपा के 5, कांग्रेस 3 है। कहा जा रहा है कि अगर निर्दलीय, कांग्रेस और छोटे दलों के पार्षदों का साथ मिला तो सपा अपने मंसूबे में सफल हो सकती है। फिलहाल भाजपा और सपा दोनों खेमों में तैयारी शुरू हो गई है। संभावित प्रत्याशी पार्षदों से संपर्क कर उन्हें अपने पाले में लाने की कोशिश कर रहे हैं।

ऐसे होगा कार्यकारिणी के सदस्यों का चुनाव
नियमानुसार हर साल 6 नए सदस्य कार्यकारिणी में शामिल होते हैं। इसके लिए छह पर्ची निकाली जाती हैं। इनमें जिसका नाम होता है, वह बाहर हो जाता है। उन्हीं की जगह नए सदस्य आते हैं। अगर निर्विरोध निर्वाचन न हुआ तो सभी 84 सदस्य मतदान कर छह सदस्यों का चुनाव करेंगे।

इसके लिए एक सदस्य को 14 वोट चाहिए होंगे। नाम की पर्ची निकलने के बाद भी कोई सदस्य फिर कार्यकारिणी में आना चाहता है तो वह चुनाव में शामिल हो सकता है। अगर पर्ची में उपसभापति का नाम निकला तो उन्हें भी दोबारा चुनकर आना पड़ेगा।

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