श्रीराम को गंगा पार कराने वाले नाविकों को महाकुंभ के पहले मिलेगी नई पहचान

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श्रृंगवेरपुर में टूरिस्ट गाइड बनेंगे गंगा नदी के नाविक, धार्मिक पर्यटन के साथ ग्रामीण पर्यटन से जुड़ेगा श्रृंगवेरपुर धाम

मिथलेश त्रिपाठी /प्रयागराज, अमृत विचार। संगमनगरी में आयोजित होने जा रहे महाकुंभ में आने वाले पर्यटकों को कुंभ क्षेत्र के अलावा जिले के अन्य पर्यटन स्थलों से भी जोड़ने की कोशिश प्रदेश की योगी सरकार कर रही है। इसे धरातल पर उतारने के लिए पर्यटन विभाग ने श्रृंगवेरपुर धाम को धार्मिक पर्यटन के साथ ग्रामीण पर्यटन से जोड़ने का रोड मैप तैयार किया है। 

महाकुंभ के पहले श्रृंगवेरपुर धाम पर्यटकों के लिए महत्वपूर्ण पर्यटन स्थल के रूप में विकसित किया जा रहा है। कार्यदायी संस्था यूपी प्रोजेक्ट कारपारेशन लि. यूनिट-2 इसके लिए कार्य कर रही है। उत्तर प्रदेश की विशेष सचिव पर्यटन ईशा प्रिया  बताती हैं कि श्रृंगवेरपुर में  निषादराज पार्क फेज- 1 के लिए रुपये 1313.16 लाख की और  फेज-2 के लिए  1818.90 लाख रुपये की धनराशि स्वीकृत हो चुकी है। यहां पर  फेज-1 में 90 प्रतिशत तथा फेज-2 में 80 प्रतिशत कार्य पूरा हो चुका है ।

धार्मिक पर्यटन और सामाजिक समरसता के केंद्र प्रयागराज के श्रृंगवेरपुर धाम को ग्रामीण  पर्यटन के साथ जोड़कर विकसित करने का रोड मैप तैयार किया गया है। विशेष सचिव पर्यटन ईशा प्रिया के मुताबिक रूरल टूरिज्म के अन्तर्गत श्रृंगवेरपुर धाम को विकसित किये जाने के लिए सबसे पहले यहां ग्रामीण क्षेत्र में होम स्टे की व्यवस्था सुनिश्चित की जाएगी। इसके लिए यहां स्थानीय लोगों को अपने यहां मड हाउस या हट बनाने के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है ताकि पर्यटकों को यहां कुछ अलग अनुभव मिले। इन सभी स्थानों पर थीमेटिक पेंटिंग होगी, स्थानीय खानपान और स्थानीय संस्कृति को भी यहां संरक्षित किया जाएगा। पर्यटक भी यहां स्टे करने के दौरान स्थानीय ग्रामीणों से अगर चाहे तो क्राफ्ट बनाने का हुनर भी सीख सके ऐसी उनकी कोशिश है।

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पर्यटन विभाग के साथ मिलकर राष्ट्रीय आजीविका मिशन ने तैयार किया रोड मैप
राष्ट्रीय आजीविका मिशन का सहयोग लेकर स्वयं सहायता समूह की महिलाओं को इससे जोड़ने की सरकार की योजना है। उपायुक्त एनआरएलएम राजीव कुमार सिंह बताते हैं कि सरकार की योजना यहां कई तरह से महिलाओं को रोजगार के अवसर प्रदान करने की है। क्षेत्र की अलग-अलग महिला स्वयं समूह को चिन्हित किया गया है जिन्हें यहां के एक जनपद एक उत्पाद मूंज क्राफ्ट और मिट्टी के बर्तन बनाने की ट्रेनिंग दी जा रही है। महिलाओं के अलावा यहां गंगा में नाव चलाने वाले नाविकों को भी रोजगार से जोड़ा जायेगा। स्थानीय  नाविकों का  चयन कर  उन्हे गांव के टूअर गाइड के रूप में प्रशिक्षित किया जाएगा। 

नाविकों को श्रृंगवेरपुर से जुड़े राम कथा के प्रसंग ,दोहे चौपाई और स्थानीय  स्थानीय लोक कथाओं की जानकारी देकर उन्हें प्रशिक्षित किया जाएगा ताकि ये नाविक यहां आने वाले पर्यटकों को रोचक अंदाज में इस स्थान की जानकारी से सकें । श्रृंगवेरपुर धाम में गंगा किनारे स्थित राम घाट में नौका निर्माण का प्रशिक्षण भी  अन्य जनपदों से कारीगरों को बुला कर समूहों को दिया जायेगा जिससे रोजगार सृजन किया जा सके।

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