Bareilly News: साइबर ठगों को पहचानिए... कमाना इतना आसान होता तो आप बेरोजगार क्यों होते

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प्रदीप यादव, बरेली, अमृत विचार। लोगों की बेरोजगारी और तंगहाली भी साइबर ठगों के लिए एक अवसर से कम नहीं। ऐसे ही लोगों को जरा से काम की एवज में भारी मुनाफे का लालच देकर वे उनकी जेबों को पूरी तरह खाली कराने में जुटे हुए हैं। 

एक बार आपका विश्वास हासिल होते ही उनका काम बनने लगता है। आपको धोखाधड़ी का पता तब लगता है, जब आपकी जेब खाली हो चुकी होती है। पुलिस की साइबर सेल और थानों में हर रोज ऐसे तीन मामले पहुंच रहे हैं।

सोशल मीडिया पर ऐसे विज्ञापन आम हैं कि लाइक और कमेंट करके घर बैठे पैसे कमाइए। दरअसल ये झांसा होता है जो साइबर ठग शिकार फंसाने के लिए इस्तेमाल करते हैं। इसी तरह लोगों को टेलीग्राम पर लिंक भेजकर ओपन कराने और निवेश कराने के लिए लोगों को फंसाया जाता है। शुरू में छोटा-मोटा मुनाफा देने के बाद जब लाखों जमा कराने लायक विश्वास जम जाता है तो पैसा हड़पकर संपर्क तोड़ दिया जाता है। पीड़ित लोग इसके बाद हड़पे गए अपने पैसे पाने के लिए इधर से उधर भटकते रहते हैं लेकिन उनका पैसा आसानी से नहीं मिल पाता।

साइबर क्राइम अधिकारी के मुताबिक साइबर ठगी के ऐसे मामले लगातार बढ़ रहे हैं। पिछले साल के मुकाबले इस साल साइबर अपराध के रिकॉर्ड मामले दर्ज हुए हैं। शेयर ट्रेडिंग, टेलीग्राम पर पार्ट-टाइम जॉब और सोशल मीडिया पर फर्जी विज्ञापन दिखाकर 2023 में 23 ठगी के मामले दर्ज किए गए थे। इस साल छह महीने में ही 23 से ज्यादा केस दर्ज हो चुके हैं जिनकी विवेचना चल रही है।

साइबर ठगी के प्रति लोगों को जागरूक होना चाहिए
साइबर क्राइम अधिकारी के मुताबिक साइबर क्राइम थाना अब जिला स्तर पर काम कर रहा है। हर थाने में बनी पांच सदस्यीय साइबर सेल भी काम कर रही है। लोगों को साइबर ठगी के प्रति जागरूक होना चाहिए। सोशल मीडिया पर आने वाले विज्ञापनों पर आंखें मूंदकर भरोसा नहीं करना चाहिए। घर बैठे कमाई के लालच में नहीं आना चाहिए क्योंकि ऐसा झांसा ठग ही देते हैं। अगर धोखाधड़ी के शिकार हो जाएं तो तत्काल पुलिस को बताएं। इसके लिए साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर कॉल करना चाहिए।

केस- 1
निजी अस्पताल में नौकरी करने वाले इज्जतनगर इलाके के कपिल को उनके परिचित ने किसी एप का लिंक व्हाट्सएप पर भेजा और दावा किया कि इसके जरिए 10 हजार का निवेश करने पर 20 दिन में ही रकम 27 हजार रुपये हो जाएगी। उन्होंने 10 हजार रुपये निवेश कर दिए। पहली बार में रकम बढ़ गई। इसके बाद कपिल ने कई परिचितों का भी निवेश कराया। निवेश की रकम लाखों में पहुंचने के बाद हड़प ली गई।

केस- 2
बच्चों को कंप्यूटर सिखाने वाले आंवला निवासी सतेंद्र ने दोस्त के कहने पर स्टॉक मार्केट के नाम पर ऑनलाइन पैसा लगाया था। सतेंद्र के मुताबिक पहली बार निवेश पर करीब दोगुना मुनाफा हो गया। इसके बाद लगातार वह निवेश करते रहे। कुछ समय पहले उन्होंने एक साथ 2.23 लाख का रकम का निवेश किया, इस पर उन्हें कोई मुनाफा नहीं मिला। रकम भी हड़प ली गई। बाद में पता चला कि साइबर ठगों के जाल में फंस गए थे।

केस- 3
कैंट इलाके की एक युवती ने इंस्टाग्राम पर एक विज्ञापन देखा जिसमें वीडियो को लाइक और शेयर कर घर बैठे कमाई के बारे में बताया गया था। संपर्क किया तो उन्हें कई वीडियो भेजकर लाइक और कमेंट कराए गए। फिर एक हजार रुपये लेकर दूसरे ग्रुप से जोड़ा गया और कुछ घंटे बाद उनके खाते में 1300 रुपये लौटा दिए गए। इसके बाद 3000 रुपये लेकर 5000 भेजे गए। आखिर में 50 हजार रुपये डलवाकर ग्रुप से हटा दिया गया।

केस- 4
भोजीपुरा के युवक ने एसएसपी से शिकायत की कि उन्होंने फेसबुक के एक विज्ञापन पर क्लिक किया तो एक महिला ने उनके व्हाट्सएप पर लिंक भेजकर 5 हजार रुपये भेजने को कहा। कुछ देर बाद दोगुनी रकम खाते में लौटा दी गई। महिला उन्हें घर बैठे कमाने का लालच देती रही। अंत में बताया कि उनके 1.85 लाख जमा हो गए हैं। इसे पाने के लिए टैक्स भरना होगा। उन्होंने एक लाख रुपये भेज दिए जिसके बाद उन्हें ब्लॉक कर दिया।

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