अभियान तक ही सिमटा मोटा आनाज, गरीब बच्चों को नहीं मिला, यूपी के सरकारी स्कूलों में जानिए अब क्या है तैयारी

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Edited By Amrit Vichar
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  • -बेसिक शिक्षा परिषद की ओर से संचालित प्राइमरी और जूनियर विद्यालयों का मामला
  • -18 जून से खुलेंगे स्कूल, पौने दो करोड़ बच्चों को परोसा जाता है भोजन, केन्द्र सरकार से नहीं हुई व्यवस्था

रविशंकर गुप्ता अमृत विचार लखनऊ। कक्षा 1 से 8 तक सरकारी विद्यालयों में बच्चों के लिए परोसे जाने वाले मध्यान्ह भोजन में मोटा आनाज अभी तक शामिल नहीं हुआ है। जबकि इसके लिए पिछले साल तेजी से जागरूकता अभियान चलाया गया। मुख्य सचिव दुर्गाशंकर मिश्रा ने इसे मध्यान्ह भोजन में शामिल करने के लिए कहा था। लेकिन ये अभियान कागजों तक ही सिमट कर रह गया, हकीकत में बच्चों को मोटा आनाज नहीं मिल सका है। जिम्मेदार विभाग के अधिकारी खुलकर बोलने को तैयार नहीं है उनका यही कहना है ये आनाज केन्द्र सरकार की ओर से मिलना था जो कि अभी तक नहीं मिला है। हालांकि अब नये शैक्षिक सत्र 2024-25 में बच्चों मोटा अनाज मिल सके इसके लिए तैयारी की जा रही है।पूरे प्रदेश में 1.33 लाख से अधिक प्राइमरी और जूनियर विद्यालयों का संचालन होता है इनमें 1.75 करोड़ बच्चे पढ़ाई करते हैं।

बाजरे की रोटी या खिचड़ी दी जानी थी

योजना के मुताबिक, मध्याह्न भोजन में छात्रों को बाजरे की रोटी या खिचड़ी परोसी जानी थी । मध्याह्न भोजन प्राधिकरण को अनुमानित 60,000 टन मोटा अनाज खरीदने की जरूरत है। वर्तमान में सप्ताह में छह दिन बच्चों को सब्जियों या प्रोटीन के साथ गेहूं या चावल से बने व्यंजन परोसे जाते हैं।

एफसीआई को सरकार ने भेजा था प्रस्ताव

अधिकारियों ने बताया कि मध्याह्न भोजन कार्यक्रम के लिए बाजरा उपलब्ध कराने के वास्ते राज्य सरकार ने भारतीय खाद्य निगम (एफसीआई) को एक प्रस्ताव भी भेजा था। लेकिन अभी तक केन्द्र सरकार ने अपना निर्णय इस पर नहीं लिया है। यूपी में मध्याह्न भोजन का कुल बजट लगभग 3,000 करोड़ रुपये है। केंद्र सरकार लागत का 60 प्रतिशत देती है बाकी 40 प्रतिशत राज्य सरकार देती है।

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मोटे अनाज में आठ अनाजों को जोड़ा गया है. जिसमें बाजरा, ज्वार, रागी, कंगनी,कुटकी,कोदो, सवां और चेना शामिल हैं। ये अनाज मानव शरीर के लिए काफी गुणकारी हैं। प्रयोगात्मक फोटो
 
विशेषज्ञ बताते हैं ये फायदें
  • - शरीर में कैल्शियम की पूर्ति
  • - पाचन क्रिया मजबूत
  • - वजन पर नियंत्रण
  • - रक्त की कमी होत है पूरी
  • - हार्ट के लिए फायदेमंद

कोट............
"मोटे आनाज को लेकर विद्यालयों में बच्चों को जागरूक भी किया गया लेकिन मध्यान्ह भोजन में अभी तक इसे नहीं शामिल किया गया है"
विनय कुमार सिंह अध्यक्ष प्राथमिक शिक्षक प्रशिक्षित स्नातक एसोसिएशन
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"मोटा आनाज बच्चे-बड़े सभी के लिए जरूरी है। ये हमारे शरीर में कैल्शियम की पूर्ति तो करता ही है साथ में वजन भी नियंत्रित करने में सहायक है, इससे हमारे शरीर का मोटापा भी नहीं बढ़ता है"
डॉ हर्षिता सीनियर डायटिशियन

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