सुल्तानपुर : महिला के पेट में रुई छोड़ने के मामले में विवेचक तलब

Amrit Vichar Network
Edited By Amrit Vichar
On

सीजेएम ने पुलिस रिपोर्ट निरस्त कर पुनर्विवेचना के दिए है आदेश, आभा अस्पताल के डॉ आलोक सिंह पर दर्ज है एफआईआर 

सुलतानपुर, अमृत विचार। ऑपरेशन के बाद पेट में रुई छोड़ने से महिला की मृत्यु हो जाने के मामले में सीजेएम नवनीत सिंह ने विवेचक को केस डायरी के साथ न्यायालय में तलब किया है। पांच साल पहले प्रकरण में आभा अस्पताल के डॉ आलोक सिंह पर लिखी एफआईआर में फाइनल रिपोर्ट लगा दी थी। अब न्यायालय के आदेश पर फिर से विवेचना हो रही है। 

प्रतापगढ़ के आसपुर देवसरा निवासी कृपा शंकर मिश्र के प्रार्थनापत्र पर एसपी ने 10 अक्टूबर 2019 को एफाईआर लिखी गई थी। आरोप है कि कृपा शंकर मिश्र की पत्नी शीला का हजारों रुपये लेकर आभा अस्पताल के डॉ आलोक सिंह ने 12 अगस्त 2018 को ट्युमर बता कर ऑपरेशन किया था। उसके बाद भी शीला का दर्द बढ़ता गया, तो उसे लखनऊ में डॉ अजय चौधरी को दिखाया। उन्होंने अल्ट्रासाउंड करने के बाद बताया कि कॉटन व बैडेज पेट में छूटने से प्रॉब्लम हो रही है।

दोबारा फिर डॉ आलोक ने ऑपरेशन किया, लेकिन समस्या बनी रही। फिर शीला को मुंबई ले जाकर जेजे अस्पताल में दिखाया तो वहां भी बताया गया कि गलत ऑपरेशन व कॉटन बैडेज छूटने से इन्फेक्शन हो गया जो गंभीर है। उसी वजह से शीला की 27 मार्च 2019 को मृत्यु हो गई। कई बार प्रयास के बाद पुलिस ने एफआईआर तो लिखी, लेकिन उसमें  28 जनवरी 2022 को फाइनल रिपोर्ट लगा दी। उसके बाद न्यायालय ने पुनर्विवेचना के आदेश तो दिए है, लेकिन पुलिस कुछ कर नहीं रही है। कृपा शंकर ने मुख्य न्यायिक दण्डाधिकारी को मानीटरिंग प्रार्थनापत्र दिया तो विवेचक को सारे प्रपत्रों के साथ 2 जुलाई को उपस्थित रहने का आदेश दिया गया है।

यह भी पढ़े- लखनऊ: 100 से अधिक बार रक्तदान कर चुके हैं डॉ. सूर्यकान्त, राज्यपाल ने किया सम्मानित

संबंधित समाचार