लखनऊ: आशियाना गवां चुके कई परिवारों को अब तक नहीं मिला मकान, सड़कों पर रहने को हुये मजबूर

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Edited By Amrit Vichar
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लखनऊ, अमृत विचार। राजधानी के अकबरनगर में शनिवार को भी अतिक्रमण हटाने का काम जारी रहा। प्रशासन जितना सख्त मकानों पर बुल्डोजर चलाने को लेकर दिखाई पड़ रहा है। उतना आशियाना गवां चुके परिवारों को मकान देने में नहीं दिखा पा रहा है।

यह आरोप अकबरनगर के निवासियों ने लगाया है। हालत यह होती जा रही है कि घरौंदा टूटने के बाद अब कई परिवारों के पास रहने को कोई ठिकाना नहीं है। ऐसे परिवार प्रशासन की तरफ से आवास देने की कवायद से नाराज हैं। जिसके कारण कई बार इन परिवारों के लोग आपस में भी मकान आवंटन को लेकर भिड़ जा रहे हैं।

घर

शनिवार को एक बार फिर अकबरनगर के कई निवासियों ने अधिकारियों से घर के लिए गुहार लगाई है। लोगों की माने तो बीते 15 दिनों से लगातार दौड़ रहे हैं, लेकिन अभी तक मकान नहीं मिल पाया है। जिन लोगों को मकान का इंतजार है उनका कहना है कि अधिकारियों ने आधार कार्ड पर ही सवाल उठा दिया है। ऐसे में जाने कब ठिकाना मिलेगा। यह पता नहीं है। इस दौरान कई ऐसी महिलायें भी सामने आई हैं जो मकान के लिए सुबह से बिना खाये पिये अधिकारियों से सिर्फ एक ही गुहार कर रहीं थीं कि बस एक मकान दे दीजिए साहब, रहने के लिए कोई जगह नहीं है। अब जायें तो जायें कहां। बड़ी मेहरबानी होगी आपकी। वहीं जिनकों मकान मिल चुका हैं, उन्होंने भी मकान में फैली अव्यवस्था को लेकर सवाल उठायें हैं।

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मकान तोड़ने को लगाये 27 बुल्डोजर

अकबरनगर में लगातार बुल्डोजर कार्रवाई जारी है। प्रशासन की तरफ से करीब 27 बुल्डोजर मकान तोड़ने के लिए लगाये गयें है। अभी तक करीब 700 घर गिराये जा चुके हैं। वहीं एलडीए वीसी इंद्रमणि त्रिपाठी के मुताबिक अभी तक 850 से अधिक लोगों को आवास दिया जा चुका है।

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