रामपुर: एक दिन के लिए बेटियों के हाथ में रही जिले की कमान
रामपुर। जिले की कमान गुरुवार को बेटियों के हाथ में रही। डीएम-एसपी सहित अधिकारियों का कामकाज बेटियों ने संभाला। बेटियों ने सुबह 10 बजे से दोपहर 12 बजे तक अलग-अलग सरकारी दफ्तरों में ना सिर्फ कामकाज संभाला, बल्कि कामकाज के तरीके में बदलाव का सुझाव भी दिया। सरकारी दफ्तरों के अलावा जिले की सभी ग्राम …
रामपुर। जिले की कमान गुरुवार को बेटियों के हाथ में रही। डीएम-एसपी सहित अधिकारियों का कामकाज बेटियों ने संभाला। बेटियों ने सुबह 10 बजे से दोपहर 12 बजे तक अलग-अलग सरकारी दफ्तरों में ना सिर्फ कामकाज संभाला, बल्कि कामकाज के तरीके में बदलाव का सुझाव भी दिया। सरकारी दफ्तरों के अलावा जिले की सभी ग्राम पंचायतों में बैठक भी बेटियों की अध्यक्षता में हुई, जिसमें विकास कार्यों से संबंधित प्रस्ताव पारित कराए गए।
वहीं कलेक्ट्रेट सभागार में सभी नामित अधिकारियों के साथ जिलाधिकारी आन्जनेय कुमार सिंह ने बैठक करके प्रशासनिक, पुलिस एवं विकास से सम्बन्धित कार्यालयों में उनके दो घण्टे के अनुभव के बारे में बातचीत की। इसके अलावा विभिन्न पदों पर बैठकर बेटियों ने दिशा निर्देश दिए। नामित जिला अधिकारी इकरा बी ने अपने अनुभव साझा करते हुए कहा कि जिलाधिकारी के रूप में कार्य करने के दौरान उन्होंने यह जाना कि पद से जुड़ी हुई जिम्मेदारियां अत्यन्त महत्वपूर्ण होती हैं।
उन्होंने कहा कि लोग अपने कर्तव्यों और जिम्मेदारियों के प्रति गम्भीर होकर कल्याणकारी योजनाओं को लागू कराने तथा उनका लाभ हर जरूरतमंद तक पहुंचाएं तो समाज के प्रत्येक वर्ग का उन्नयन होगा। नामित पुलिस अधीक्षक प्रियांशी सागर ने कहा कि उन्हें पुलिस प्रशासन की कार्यवाही को समझने का यह बेहतर अवसर मिला और भविष्य में वे इस पद पर पहुंचने के लिए पूर्ण मनोयोग के साथ शिक्षा के क्षेत्र में आगे प्रयास करेंगी।
नामित मुख्य विकास अधिकारी शौर्या गर्ग ने कहा कि कार्यालय पहॅुचकर जैसे ही उन्होंने मुख्य विकास अधिकारी की कुर्सी संभाली तक उन्होंने महसूस हुआ कि जो उन्होंने लक्ष्य निर्धारित किया है यह उस लक्ष्य की पहली स्टेज है। उन्होंने मुख्य विकास अधिकारी गजल भारद्वाज के साथ पूरे विकास भवन का भ्रमण किया तथा विकास से जुड़े विभिन्न कार्यालयों के कार्यों का अत्यन्त गम्भीरतापूर्वक अवलोकन किया।
बैठक के दौरान उन्होंने कहा कि प्रत्येक कार्यालय में महिलाओं की सुविधा के दृष्टिगत हर जरूरी सुविधा उपलब्ध हो ताकि उन्हें सार्वजनिक स्थलों पर स्वास्थ्य एवं निजी जरूरतों को लेकर किसी प्रकार की समस्या का सामना न करना पड़े। अपर जिलाधिकारी प्रशासन के रूप में नामित आलिया ने अपर जिलाधिकारी से पद से जुड़े विभिन्न कार्यों के बारे में विस्तारपूर्वक जानकारी प्राप्त की तथा बेसिक शिक्षा अधिकारी को निर्देश भी निर्गत किए कि वे अध्यापकों एवं अधिकारियों को ग्रामीण क्षेत्रों में बेटियों को स्कूल भेजने के लिए परिजनों को जागरूक करने के सम्बन्ध में निर्देशित करें ताकि ग्रामीण क्षेत्र की बेटियां भी शिक्षित होकर देश के विकास में अपनी बराबर की भागीदारी को सुनिश्चित करा सकें।
जिलाधिकारी आन्जनेय कुमार सिंह ने सभी बालिकाओं से उनके अनुभव जानने के उपरान्त कहा कि वे मिशन शक्ति के अन्तर्गत महिलाओं और बेटियों को प्रेरित करें कि शासन एवं प्रशासन द्वारा उनकी सुरक्षा, सम्मान और स्वावलम्बन के दृष्टिकोण से हर जरूरी कदम उठाया जा रहा है।
