Exclusive: अधूरी तहरीर से बिल्डरों पर नहीं हो सकी कार्रवाई, पुलिस ने केडीए को लिखा पत्र, कहा- एक अधिकारी को नामित करें
अभिषेक वर्मा, कानपुर। गंगा कटरी व डूब क्षेत्र में अवैध रूप से निर्माण करने वाले 71 कॉलोनाइजर्स (विकासकर्ता) पर एफआईआर लटक गई है। केडीए ने पुलिस को रजिस्टर्ड डाक से जो तहरीर भेजी है, उसमें विभागीय अधिकारियों ने स्थलीय जांच की पत्रावली ही नहीं लगाई। इसके साथ केडीए ने किसी अधिकारी को भी नामित नहीं किया जिसकी जानकारी के आधार पर एफआईआर दर्ज हो सके। अब पुलिस ने केडीए को एक पत्र भेज दिया है। जिसमें तहरीर पूरी करने को कहा गया है। पुलिस का कहना है कि इसके बाद ही कॉलोनाइजर्स पर एफआईआर दर्ज होगी।
गंगा कटरी क्षेत्र, हिंदूपुर, सिंहपुर कछार में केडीए की ओर से 13 जून को 39 अवैध प्लाटिंग को चिह्नित कर कुल 71 विकासकर्ताओं पर एफआईआर दर्ज करने के लिये बिठूर थाने में तहरीर दी गई थी। 7 दिन बीतने के बावजूद एफआईआर दर्ज नहीं हो सकी है। इससे पहले पुलिस गंगा दशहरा की ड्यूटी में व्यस्त होने का हवाला दे रही थी। वहीं, केडीए ने भी इस मामले में तहरीर देने के बाद कोई फॉलोअप नहीं किया जिसकी वजह से पुलिस ने भी कोई जल्दबाजी नहीं दिखाई।
बिठूर थानाध्यक्ष जितेंद्र सिंह ने बताया कि रजिस्टर्ड डाक से केडीए की ओर से तहरीर दी गई है। इस तहरीर में न तो स्थलीय निरीक्षण की पत्रावली लगी है और न ही किस अधिकारी की ओर से मुकदमा दर्ज कराया जाए यह साफ किया गया है। तहरीर के आधार पर धोखाधड़ी का मामला बनता है इसके तहत वादी और प्रतिवादी का बयान पर मुकदमा दर्ज किया जा सकता है। तहरीर में जो कमी है उसको लेकर केडीए को पत्र भेज दिया है। जब पत्रावली आएगी तो मुकदमा दर्ज किया जायेगा।
123 बीघा जमीन पर विकासकर्ताओं का कब्जा
कटरी ख्योरा, बनियापुर, हिंदूपुर, धरपुर, प्रतापपुर हरी, चिरान गांव, गंगापुर केडीए ग्रीन के पीछे, हिंदूपुर डल्लापुर बिठूर, सिंहपुर कछार, वृंदावन धाम सोसयटी मकड़ी खेड़ा में करीब 123 बीघा जमीन पर विकासकर्ताओं ने अवैध प्लाटिंग की है। इनमें कटरी ख्योरा, हिंदूपुर और सिंहपुर कछार में सबसे ज्यादा भू-माफिया सक्रिय हैं। जिसके खिलाफ केडीए ने बड़ी कार्रवाई करते हुये डूब क्षेत्र में रोक के बावजूद निर्माण कराने वाले विकाकर्ताओं के खिलाफ संबंधित थाने में तहरीर दी।
बिना नक्शा पास कराए हो रही अवैध प्लाटिंग
प्रवर्तन जोन-1 के विशेष कार्याधिकारी डा. रवि प्रताप सिंह के अनुसार डूब क्षेत्रों में बड़े पैमाने पर अवैध तरीके से प्लाटिंग की जा रही है। एक भी प्लाटिंग पर केडीए द्वारा न तो नक्शा पास कराया जा रहा है और न ही ले-आउट पास कराया गया था।
बोले जिम्मेदार
यह प्रकरण केडीए सचिव शत्रोहन वैश्य देख रहे हैं। उनसे एक बार मैं भी कह दे रहा हूं। जो कभी है उसे पूरा किया जायेगा। - मदन सिंह गर्ब्याल, केडीए उपाध्यक्ष
