Kanpur: पत्नी से हुई आखिरी बात, सात जुलाई को आने को कहा था...उससे पहले आई मौत की खबर, छत्तीसगढ़ में जवान हुआ शहीद
छत्तीसगढ़ के सुकमा में नक्सलियों के आईडी ब्लास्ट में सीआरपीएफ की कोबरा बटालियन में तैनात सरसौल के शैलेंद्र हुए शहीद
कानपुर, अमृत विचार। महाराजपुर थानाक्षेत्र के नौगवां गौतम के रहने वाले जवान शैलेंद्र कुमार देश की सेवा में शहीद हो गए। छत्तीसगढ़ के सुकमा में नक्सलियों के हमले में उनकी जान चली गई। शैलेंद्र का विवाह इसी साल 7 मार्च को सचेंडी थाना क्षेत्र के पेट्टापुर गांव की रहने वाली कोमल के साथ हुआ था।
शैलेंद्र के घर में माता बिजला देवी व बड़े भाई नीरज अपनी पत्नी काजल के साथ रहते हैं। शैलेंद्र तीन भाइयों में सबसे छोटा था। शैलेंद्र से बड़े भाई सुशील की भी चार वर्ष पहले सर्प दंश से मौत हो चुकी है। वहीं एक बहन जिसकी शादी हो चुकी है। शैलेंद्र की मां ने बताया कि बचपन से ही पिता मुन्नालाल का साया उठ जाने के बाद से बड़े कष्टों का सामना करते हुए बच्चों को पाल-पोसकर बड़ा किया वो बच्चे भी छोड़ कर जा रहे हैं, किसके सहारे जीवन कटेगा।
शहीद की मां ने रोते हुए बताया कि रविवार को शैलेंद्र ने पत्नी से मोबाइल पर बात कर सात जुलाई को घर वापस आने की बात कही थी। मां के अनुसार अगर उसे इस बात का पता होता तो अपने लाल की नौकरी छुड़वा देती।
शैलेंद्र ने यहां से पूरी की पढाई
शैलेंद्र ने शुरुआती शिक्षा सिकटिया गांव के दौलत सिंह इंटर कॉलेज से की थी तथा इंटरमीडिएट प्रेमपुर जन शिक्षण इंटर कॉलेज से करने के बाद स्नातक की पढ़ाई महाराणा प्रताप डिग्री कॉलेज करचलपुर से की थी। शैलेंद्र विवाह के समय ही घर आए थे। इसके बाद गुरुवार को मां से वादा किया था कि 10 से 15 दिन में वह गांव आ रहे हैं। उनके शहीद होने की खबर मिलते ही घर में चीख पुकार मच गई। बड़ी संख्या में लोग शहीद के घर पहुंच गए। महाराजपुर, नरवल की पुलिस फोर्स शहीद के घर सांत्वना देने और ढांढस बंधाने पहुंची।
वर्ष 2017 से देश की कर रहा था सेवा
नौगवां गौतम के रहने वाले सीआरपीएफ जवान शैलेंद्र वर्ष 2017 से सिपाही के पद पर रहकर देश की सेवा कर रहे थे। रविवार देर शाम छत्तीसगढ़ के सुकमा में नक्सलियों ने हमला कर दिया। जिसमें मौके पर दो जवान शहीद हो गए। ग्रामीणों के अनुसार स्थानीय पुलिस व सोशल मीडिया के माध्यम से जानकारी मिली कि छत्तीसगढ़ के सुकमा जिले में नक्सलियों ने एक ट्रक को आईईडी विस्फोट से उड़ा दिया। इसमें केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल की विशेष इकाई कोबरा के दो जवान शहीद हो गए हैं। पुलिस के अनुसार यह विस्फोट राजधानी रायपुर से 400 किलोमीटर दूर सुरक्षा बलों के सिलगेर और टेकलगुडेम शिविरों के बीच टिम्मापुरम गांव के पास हुआ। विस्फोट के बाद खल्लारी थाना क्षेत्र के ग्राम अमझर और मुहकोट के जंगलों में सुरक्षा बलों और नक्सलियों के बीच मुठभेड़ चल रही है। शहीद के गांव में लोग उनका पार्थिव शरीर आने का इंतजार कर रहे हैं।
पत्नी कानपुर में रहकर कर रही पढ़ाई
शैलैंद्र की पत्नी कोमल शादी के पास से पति के डयूटी पर वापस जाने के बाद से कानपुर में रहकर पढ़ाई कर रही है। घर की सारी देख रेख शैलेंद्र के ही भरोसे थी। बहन मनोरमा चिल्ला चिल्ला कर अपने भाई के वापस आने की गुहार लगा रही है। साथी सुजीत और अजय ने बताया की आज से एक सप्ताह पहले बात हुई थी तो बोल रहा की सात तारीख तक गांव आऊंगा। लेकिन क्या पता था कि शहीद हो जाने की खबर आएगी।
आलाधिकारी और माननीय ले रहे जानकारी
छत्तीसगढ़ के सुकमा में नक्सलियों की आईडी ब्लास्ट में सीआरपीएफ की कोबरा बटालियन में तैनात कानपुर के सरसौल के शैलेंद्र जवान शहीद होने की खबर जैसे ही जिला के प्रशसनिक और पुलिस के आलाधिकारियों के साथ-साथ माननीयों को हुई तो वह लोग पल-पल की परिवार की जानकारी लेने में जुट गए। सभी के सोमवार को पहुंचने की पूरी उम्मीद जताई जा रही है।
