Kanpur: सेमीकंडक्टर के विशेषज्ञ बनाएगा CSJMU, रोजगार के बढ़ते अवसर देख कैंपस में संचालित कर रहा पांच वर्षीय पाठ्यक्रम
स्नातक पास छात्र सीधे चतुर्थ वर्ष में ले सकेंगे प्रवेश
कानपुर, अमृत विचार। सेमीकंडक्टर के क्षेत्र में रोजगार के बढ़ते अवसरों को देखते हुए छत्रपति शाहू जी महाराज विश्वविद्यालय युवाओं को तकनीकी विशेषज्ञ बनाएगा। इलेक्ट्रॉनिक्स एवं तकनीकी के क्षेत्र में सेमीकंडक्टर की महत्ता को देखते हुए सीएसजेएमयू कैंपस में 5 वर्षीय पाठ्यक्रम संचालित कर रहा है।
विश्वविद्यालय के इलेक्ट्रॉनिक्स इंजीनियरिंग विभाग में संचालित इंटीग्रेटेड बीएससी-एमएससी इलेक्ट्रॉनिक्स पाठ्यक्रम (वीएलएसआई एंड आईओटी विशेषज्ञता के साथ) में प्रवेश प्रक्रिया जारी है। यह जानकारी देते हुए प्रवेश प्रभारी डा. अजीत तिवारी ने बताया कि आने वाले समय में भारत में सेमीकंडक्टर के तकनीकी ज्ञान में दक्ष विशेषज्ञों एवं इंजीनियरों की मांग बहुत तेजी से बढ़ने वाली है।
विश्वविद्यालय प्रशासन ने सेमीकंडक्टर के क्षेत्र में रोजगार के अवसरों को भांप कर कैंपस में पाठ्यक्रम शुरू किया। उन्होंने दावा किया कि यह पाठ्यक्रम शुरू करने वाला सीएसजेएमयू प्रदेश का पहला विश्वविद्यालय है। सेमीकंडक्टर चिप निर्माण कंपनियां तेजी से भारत में आ रही हैं। ऐसे में यह पाठ्यक्रम छात्रों के भविष्य और करियर को ध्यान में रखकर लांच किया गया। 5 वर्ष के इस पाठ्यक्रम में इंटर पास छात्र प्रथम वर्ष में तथा स्नातक पास छात्र सीधे चतुर्थ वर्ष में प्रवेश ले सकते हैं।
इस पाठ्यक्रम के माध्यम से, छात्र न केवल भारत में बल्कि विदेशी बाजार में भी सेमीकंडक्टर के क्षेत्र में अपनी विशेषज्ञता के बूते रोजगार पा सकेंगे। उन्होंने बताया कि प्रवेश संबंधी पूरा विवरण विश्वविद्यालय की वेबसाइट पर उपलब्ध है। छात्र प्रवेश प्रक्रिया,सीटों की रिक्तिता एवं अन्य जानकारी विभाग में संपर्क कर प्राप्त कर सकते हैं।
भारत और ताइवान मिलकर करेंगे काम
उन्होंने बताया कि सेमीकंडक्टर के क्षेत्र में भारत और ताइवान साथ मिलकर काम करेंगे। इस संबंध में प्रतिनिधि मंडल के साथ ताइवान गए भारतीय विश्वविद्यालय संघ के अध्यक्ष एवं सीएसजेएमयू के कुलपति प्रो. विनय पाठक ने बताया कि दोनों देशों के बीच सेमीकंडक्टर के क्षेत्र में मिलकर कार्य करने की सहमति बनी है।
सेमीकंडक्टर के क्षेत्र में अमेरिका के बाद जापान सहित कई देश भारत के साथ वैश्विक भागीदारी करना चाह रहे हैं। इस क्षेत्र में रोजगार की असीम संभावनाएं देखी जा रही हैं। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भी प्रदेश में सेमीकंडक्टर नीति बनाने को कहा है।
