Kanpur: पानी बढ़ा तो गंगा में खोल दिया सीसामऊ नाला, बारिश की वजह से करोड़ों लीटर सीवेज व वर्षा जल नदी में गिरा

Amrit Vichar Network
Published By Deepak Shukla
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कानपुर, अमृत विचार। शहर में बुधवार को हुई तेज बारिश के बाद शहर के बड़े नालों में उफान आ गया। सीसामऊ नाला ओवरफ्लो हो गया। वहीं, नाले में पानी का लोड बढ़ने की वजह से भैरोघाट एसपीएस में आपातकाल में पानी को गंगा में ही गिराना पड़ा। इस दौरान करोड़ों लीटर सीवेज और वर्षा जल गंगा में गिरता रहा। बरसात के पानी को शहर से बाहर निकालने के लिये दूसरे चैनलों को भी खोलना पड़ा। 

नमामि गंगे योजना के तहत सीसामऊ नाले को 2019 में पूर्ण रूप से टेप किया गया था। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और सीएम योगी आदित्यनाथ ने 14 दिसंबर 2019 को शहर आकर नाले को सेल्फी प्वाइंट तक घोषित कर दिया था। लेकिन, सीसामऊ नाले का संचालन कर रही कंपनी केआरएमपीएल की लापरवाही से सीसामऊ नाले की पुरानी तस्वीर फिर दिखने लगी है। 

सीसामऊ नाले से गंगा नदी में सीवेज गिराने के मामले में कार्यदायी संस्था कानपुर रिवर मैनेजमेंट प्राइवेट लिमिटेड (केआरएमपीएल) पर एफआरआई और जुर्माने की कार्रवाई के बाद भी कंपनी की कार्यप्रणाली में सुधार नहीं हो रहा है। सीवेज पम्पिंग स्टेशन (एसपीएस) में छह में सिर्फ चार मोटर चलने की वजह से पीक ऑवर में सीवेज गंगा में जा रहा है। वहीं, बरसात की वजह से समस्या और बढ़ जा रही है। 

कंपनी को मजबूरन पानी को गंगा में छोड़ना पड़ रहा है। जल निगम (ग्रामीण) प्रोजेक्ट मैनेजर ज्ञानेंद्र चौधरी ने बताया कि छह पंप में पांच जब लगातार चलते हैं तो नाले के पानी को एसटीपी तक भेजा जाता है। पानी का लोड नहीं संभलता तो आपातकाल में पानी को गंगा में छोड़ना पड़ता है। इस समस्या को दूर करने के लिसे मंडलायुक्त ने सीसामऊ सीवेज पम्पिंग स्टेशन पर तत्काल दो नये पंप स्थापित करने के निर्देश दिये हैं। एनएमसीजी (नेशनल मिशन फॉल क्लीन गंगा) को इस संबंध में एस्टीमेट बनाकर प्रस्ताव भेजना है।

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