ढोल-नगाड़े लेकर अपराधियों के घर पहुंची अमेठी पुलिस, किया ये काम
अमेठी, अमृत विचार। पुलिस अधीक्षक अमेठी के निर्देश पर कई मुकदमों में वांछित फरार चल रहे अपराधियों पर पुलिस ने शिकंजा कसा है। मंगलवार को भाले सुल्तान पुलिस ने क्षेत्राधिकारी मुसाफिरखाना की मौजूदगी में गौरीगंज, अमेठी और मुसाफिरखाना के अलग-अलग गांवों में जाकर अपराधियों के घर गिरोहबंद अधिनियम के तहत नोटिस चस्पा किया है। इस दौरान ढोल नगाड़ों ने पूरे गांव में मुनादी भी करवाई गई है।
अमेठी एसपी अनूप सिंह के निर्देश पर जनपद में अपराधियों के खिलाफ पुलिस कड़ा अभियान चला रही है। इसी कड़ी में कई मुकदमों में वांछित फरार चल रहे अपराधियों पर पुलिस ने शिकंजा कसना शुरू कर दिया है। मंगलवार को मुसाफिरखाना क्षेत्राधिकारी अतुल सिंह के नेतृत्व में भाले सुल्तान शहीद स्मारक एसओ दयाशंकर मिश्रा मय हमराह द्वारा जिले के कई गांवों में पहुंचकर और ढोल नगाड़ों से मुनादी करवाते हुए आरोपियों के घर के बाहर नोटिस चस्पा किया।
एसओ ने गिरोहबंद और समाज विरोधी क्रिया कलापों में वांछित गौरीगंज थाना क्षेत्र के संभावा लाला का पुरवा गांव के रहने वाले मनोज यादव पुत्र हरिराम, अमेठी थाना क्षेत्र के सुंदरपुर गांव के रहने वाले मनीष यादव उर्फ कल्लू पुत्र राम औतार यादव, मुसाफिरखाना थाना क्षेत्र के भददौर गांव के रहने वाले वशीर खान पुत्र मोबीन खां और सलमान खान पुत्र मुन्ना के घर पर धारा 2 ख (1)3 के तहत मुनादी करवाते हुए किए नोटिस चस्पा किया गया। इन सभी आरोपियों पर मुसाफिरखाना थाने में मुकदमा दर्ज था, जिसकी विवेचना भाले सुल्तान थाने को मिली थी। कार्रवाई को लेकर भाले सुल्तान एसओ दयाशंकर मिश्र ने कहा कि गिरोहबंद अधिनियम के तहत मुसाफिरखाना थाने 14 मुकदमें दर्ज थे, जिसमें 10 आरोपी जेल में है और चार आरोपी फरार है। मामले की विवेचना भाले सुल्तान थाने को ट्रांसफर हुई थी। आज सभी चार आरोपियों के घर मुनादी करवाते हुए नोटिस चस्पा की गई है।
अमेठी एसपी अनूप सिंह ने बताया कि थाना मुसाफिरखाना में गैंगस्टर एक्ट के तहत एक अभियोग पंजीकृत है जो की हत्या व अन्य अपराधों संबंधित मुलजिम है जिन पर गैंगस्टर एक्ट लगाया गया है जिसमें कई मुलजिमों की गिरफ्तारी की जा चुकी है शेष मुलजिम जो कि पुलिस की गिरफ्तार से दूर है उनके खिलाफ 82 सीआरपीसी की अंतर्गत नोटिस निर्गत करते हुए उनके घरों पर चस्पा किया गया है। मुकदमे की विवेचना थानाध्यक्ष भाले सुल्तान द्वारा की जा रही है। अगर उनकी गिरफ्तारी शीघ्र नहीं होती है तो मामले में 83 सीआरपीसी की कार्रवाई की जाएगी।
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