कानपुर में हार की समीक्षा...कन्नी काट रही कांग्रेस, अजय राय से मिला अध्यक्ष विरोधी खेमा

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Edited By Amrit Vichar
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उत्तर-दक्षिण बंटवारा खत्म, एक अध्यक्ष होगा

कानपुर, अमृत विचार। कानपुर महानगर लोकसभा क्षेत्र से कांग्रेस प्रत्याशी की मामूली वोटों से हार के ज़ख्म अभी भी भरे नहीं हैं। संगठन को हार का जिम्मेदार बताने वाले शहर के करीब 30 वरिष्ठ कांग्रेस नेताओं ने प्रदेश अध्यक्ष अजय राय से गुरुवार रात को भेंटकर अपना दुखड़ा रोया और मांगपत्र सौंपा। 

राय ने आश्वस्त करते हुए कहा कि कानपुर में पार्टी की पराजय की समीक्षा वह स्वयं लखनऊ में करेंगे। इसके अलावा कानपुर में उत्तर और दक्षिण का अलग-अलग नहीं, एक ही संगठन होगा।

प्रत्याशी की हार का ठीकरा शहर संगठन और प्रत्याशी आलोक मिश्रा के अति आत्मविश्वास पर फोड़ा जा रहा है। चुनाव प्रबंधन पर उंगलियां उठाई जा रही हैं। सहुनव खत्म होने के बाद संगठन दो खेमों में बंट गया है। एक में पूर्व शहर अध्यक्ष हरप्रकाश अग्निहोत्री, पूर्व विधायक भूधर नारायण मिश्र, हाफिज मोहम्मद उमर सहित 30 वरिष्ठ नेता हैं। 

दूसरे खेमें में शहर अध्यक्ष नौशाद आलम मंसूरी, पूर्व प्रत्याशी आलोक मिश्रा, पूर्व विधायक सोहिल अंसारी, संजीव दरियावादी, दिलीप शुक्ल आदि हैं। पहला खेमा आक्रामक मुद्रा में है तो दूसरा दिल्ली के कुछ बड़े नेता व नीलांशु चतुर्वेदी आदि को थामे प्रदेश व राष्ट्रीय नेतृत्व की गणेश परिक्रमा में लगा है।

अजय राय से मिलने वाले लोगों की मुख्य मांग ही यही थी भाजपा के बेहद कमजोर प्रत्याशी के मुकाबले मामूली अंतर से पराजय की समीक्षा बैठक मांग के बाद भी स्थानीय अध्यक्ष द्वारा न बुलाना उचित नहीं है। उल्टे वह विस क्षेत्रवार धन्यवाद बैठकें कर रहे हैं।यह भी कहना है कि पहले समीक्षा फिर बाकी बैठकें की जानी चाहिए। संगठन की कार्यप्रणाली से नाराज नेता कानपुर में ओवरहालिंग चाहते हैं।

दूसरी तरफ महानगर कांग्रेस में ब्राह्मण अध्यक्ष बनाये जाने की भी कोशिशें तेज हैं। एक तरफ सुनीत त्रिपाठी और कृपेश का नाम तो दूसरी तरफ दिलीप शुक्ल का नाम चलाया जा रहा है। दिलीप के लिए पूर्व विधायक अंसारी व दरियावादी पैरोकार बताए जाते हैं। 

कानपुर कांग्रेस में गुटबाजी का आलम तो यह है कि असंतुष्ट कांग्रेसियों ने संगठन अध्यक्ष से दूरी बना ली है। हाल ही में हुए संविधान समर्पित संकल्प दिवस पर एक मलिन बस्ती में डॉ आंबेडकर की प्रतिमा के नीचे हुए कार्यक्रम में नौशाद को नहीं बुलाया गया। संभवत: एक जुलाई को तिलक हाल में इसी कार्यक्रम में हुए आयोजन की अध्यक्षता ग्रामीण अध्यक्ष अमित पांडे से कराई और शहर अध्यक्ष बतौर वक्ता उपस्थित रहे।

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