बरेली: अनुपस्थित रहने पर 35 कर्मियों का कटा मानदेय, शोषण करने का आरोप
कहा कि कई बार प्रयास के बाद भी नहीं खुलता है प्रेरणा पोर्टल
बरेली, अमृत विचार। जनपद के 18 कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालयों में कार्यरत वार्डन, चपरासी सहित करीब 35 महिला कर्मियों का मानदेय अनुपस्थित रहने के कारण काट लिया गया। इन कर्मियों का कहना है कि उन्हें जानबूझ कर परेशान किया जा रहा है। इस संबंध में वे शनिवार को जिलाधिकारी व अन्य उच्चाधिकारियों को पत्र देकर इसकी शिकायत करेंगे। उनसे विशेष जांच समिति का गठन कर मानदेय काटे जाने की जांच कराने की मांग की जाएगी।
कर्मचारियों ने बताया कि पोर्टल की तकनीकी खामियों के चलते ऑनलाइन उपस्थिति दर्ज ही नहीं हो पाती। उसकी कमी का परिणाम उन्हें भगतना पड़ रहा है। कई बार मोबाइल फोन स्विच ऑन-ऑफ करके भी प्रयास किया जाता है, लेकिन कुछ नहीं हो पाता। महिला कर्मियों का आरोप है कि 7 अप्रैल को मतदान के दिन का भी उनका वेतनमान काटा गया है, जबकि उस दिन जिलाधिकारी की ओर से अवकाश घोषित किया गया था। रसोइया, चपरासी और चौकीदार आदि ज्यादातर चतुर्थ श्रेणी कर्मियों के पास अपना एंड्रायड फोन भी नहीं है। उन्हें वार्डन व अन्य शिक्षकों से मोबाइल लेकर पोर्टल पर उपस्थिति लगानी पड़ती है। ग्रामीण क्षेत्रों में नेटवर्क और पोर्टल की तकनीकी खामियों के चलते कई बार पोर्टल चलता ही नहीं है।
मानदेय काटे जाने की कराई जाए जांच
कर्मियों का कहना है कि इस मामले में जिलाधिकारी की ओर से विशेष जांच समिति का गठन कर मई माह का मानदेय काटे जाने की जांच कराई जाए, जिससे विभागीय कर्मियों की कई अनियमितताएं उजागर हो सकती हैं। चतुर्थ श्रेणी महिला कर्मियों के अनुसार उनका मासिक मानदेय 6 से 7 हजार के बीच है। इसमें कटौती होने पर परिवार का भरण-पोषण और बच्चों की शिक्षा प्रभावित होती है। बीएसए संजय सिंह ने बताया कि शासन के निर्देशानुसार पोर्टल पर उपस्थिति दर्ज नहीं होने पर सभी कर्मियों का वेतन नियमानुसार ही काटा जा रहा है।
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