Kanpur: पीडब्ल्यूडी ने शासन को सौंपी रिपोर्ट; पांडु नदी व रामगंगा नहर के पुल को बताया खतरनाक, भारी वाहनों के आवागमन पर लगी रोक
कानपुर, अमृत विचार। 50 वर्ष से अधिक उम्र पूरी कर चुके पुलों की रिपोर्ट सोमवार को पीडब्ल्यूडी ने शासन को सौंप दी। शहर के 15 पुलों की जांच-पड़ताल में सामने आया है कि पांडु नदी और रामगंगा नहर पर बने पुल आवागमन के योग्य नहीं है। दोनों पुलों को अयोग्य घोषित कर भारी वाहनों के आवागमन पर रोक लगा दी गई है। रिपोर्ट में पुराने गंगा पुल को भी अयोग्य करार दिया गया है, लेकिन यह पुल पहले ही बंद किया जा चुका है।
बिहार में एक दिन में पांच पुलों के गिरने की घटना के बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रदेश भर में 50 साल से अधिक मियाद पूरी कर चुके पुलों की रिपोर्ट मांगी थी। अधिकारियों से पुलों का निरीक्षण करके उनके सुपर स्ट्रक्चर, पियर की स्थिति, वाटर-वे ब्लॉकेज, एबटमेंट ढाल व बोल्डर का परीक्षण करने के निर्देश देकर रिपोर्ट शासन को देने के लिए कहा गया था।
शासन ने निर्देशित किया गया था कि कोई भी पुल असुरक्षित नजर आए तो उसे तत्काल प्रभाव से यातायात के लिए बंद किया जाए। पीडब्ल्यूडी ने 50 वर्ष से अधिक पुराने हो चुके शहर के 15 पुलों का निरीक्षण किया। सोमवार को शासन को प्रेषित की गई रिपोर्ट में कहा गया है कि 13 पुलों पर कोई खतरा नहीं है।
लेकिन साढ़-सरसौल मार्ग पर पांडु नदी पर बने पुल का स्ट्रक्चर जगह-जगह से क्रैक हो गया है। रामगंगा नहर पर स्थापित पुल रमईपुर-साढ़ जहानाबाद मार्ग का ढांचा क्षतिग्रस्त हो गया है। इन दोनों पुलों पर भारी वाहनों के आवागमन पर रोक लगा दी गई है।
टाटमिल पुल के आरसीसी स्ट्रक्चर में मिला क्रैक, जल्द होगी मरम्मत
पीडब्ल्यूडी की जांच रिपोर्ट में कहा गया है कि शहरी क्षेत्र में टाटमिल पुल के आरसीसी स्ट्रक्चर में आंशिक क्रैक पाया गया है। इसकी मरम्मत के लिए एस्टीमेट तैयार किया जा रहा है। पुराने गंगा पुल पहले ही यातायात का आवागमन बंद कराया जा चुका है।
कानपुर नगर के 15 पुलों में दो पुलों की स्थिति गंभीर है, इन्हें भारी वाहनों के आवागमन के लिए बंद कर दिया गया है। इन पुलों के निर्माण के लिए सेतु निगम को एस्टीमेट तैयार करने को कहा गया है। - अनिल कुमार, अधीक्षण अभियंता, पीडब्ल्यूडी
