Unnao Accident: नींद व रफ्तार ने छीन लीं 18 जिंदगियां...18 मृतकों में एक ही परिवार के थे छह लोग, हमेशा के लिए बिछड़ गए
18 मृतकों में एक ही परिवार के थे छह लोग
उन्नाव, अमृत विचार। लखनऊ-आगरा एक्सप्रेस-वे पर बेहटा मुजावर थानाक्षेत्र के जोगीकोट गांव बुधवार सुबह हुए हादसे में 18 जिंदगी काल के गाल में असमय समा गई। हादसे के पीछे बस की तेज रफ्तार और चालक को झपकी आना वजह माना जा रहा है। हादसे के बाद मची चीख पुकार और 18 शवों को देख लोगों की आंखें नम हो गईं।
हादसे में एक ही परिवार के छह लोगों की मौत हो गई और दो लोग घायल हो गए। वहीं हादसे में एक मां-बेटी व बहू सहित दुधमुही बच्ची को भी चोटें आई हैं। डीएम के निर्देश पर कई दरोगाओं को पंचनामा की कार्रवाई के लिए लगाया गया। इसके साथ पोस्टमार्टम के लिए चार डाक्टरों की ड्यूटी लगाई गई। जिससे पहचान के बाद शवों को परिजनों को सुपुर्द किया जाए।
जोगीकोट गांव के पास एक्सप्रेस-वे स्थित किमी संख्या-247 पर हुए भीषण हादसे के पीछे तेज रफ्तार और नींद को प्रमुख कारण माना जा रहा है। यात्रियों के मुताबिक बस बिहार से पांच बजे शाम को चली थी। एक ही चालक बस चला रहा था। इससे यह माना जा रहा है कि चालक को झपकी लगी और इससे लोगों की जानें चली गईं।
मंजर इतना खौफनाक था कि इसे देख लोग कांप उठे। हर ओर केवल लोगों के कराहने की आवाज गूंजने लगी। हादसे में मृत 16 यात्रियों में एक ही परिवार के छह लोग शामिल हैं। सभी मेरठ में रह कर काम करते थे और गांव में मकान बनवाकर लौट रहे थे। इसी परिवार के दो युवक भी हादसे में घायल हुए।
इनमें एक को शिनाख्त के लिए लाया गया तो मोर्चरी में अपने माता-पिता, चाचा-चाची और छोटे भाई व बहन का शव देख बदहवास हो गया। उसे वहां मौजूद सीओ सोनम सिंह ने ढांढस बंधाकर शांत कराया। इसी तरह पति की मौत के बाद दिल्ली में घरों में काम करने वाली महिला उसकी बहू, बेटी व दूधमुही बच्ची को भी चोटें आई हैं।
