यूक्रेन के सबसे बड़े अस्पताल पर रूसी मिसाइल हमले से कैंसर से जूझ रहे बच्चों की मुसीबतें बढ़ीं 

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Edited By Amrit Vichar
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कीव। यूक्रेन में बच्चों के सबसे बड़े अस्पताल पर इस सप्ताह रूस के मिसाइल हमले के बाद कैंसर से जूझ रहे कई बाल मरीजों को वहां से निकालना पड़ा, जिससे कीव के राष्ट्रीय कैंसर संस्थान पर दबाव बढ़ गया है। यूक्रेन की राजधानी कीव में चार महीनों में रूस की सबसे भारी बमबारी के कारण सोमवार को ओखमादित चिल्ड्रंस हॉस्पिटल बुरी तरह तबाह हो गया। पहले से ही जानलेवा बीमारियों से जूझ रहे बच्चों पर गंभीर असर पड़ा है तथा उनके परिवार डर के साये में जी रहे हैं।

अब, कुछ परिवारों के सामने संकट खड़ा हो गया है कि वे अपने बच्चे का इलाज कहां कराएं। उक्साना हलाक को अपने दो वर्षीय बेटे दिमित्रो के एक प्रकार के कैंसर से ग्रसित होने का जून की शुरुआत में ही पता चला। उसने तुरंत अपने बेटे का ओखमादित अस्पताल में इलाज कराने का फैसला किया क्योंकि यह यूरोप के सबसे अच्छे अस्पतालों में से एक है। वह और दिमित्रो अस्पताल में मौजूद थे जब शहर में साइरन बजे। पहले धमाकों के बाद नर्स ने उन्हें एक दूसरे कमरे में ले जाने में मदद की। 

इसके बाद उन्हें राष्ट्रीय कैंसर संस्थान ले जाया गया और अब दिमित्रो उन 31 मरीजों में से एक है जिन्हें कैंसर से मुश्किल जंग के बीच एक नए अस्पताल में इलाज कराना पड़ेगा। ओखमादित के बंद होने के बाद शहर में अन्य अस्पतालों पर भी मरीजों का दबाव बढ़ गया है। हमले के वक्त ओखमादित में सैकड़ों बच्चों का उपचार हो रहा था। राष्ट्रीय कैंसर संस्थान के महानिदेशक ओलेना येफीमेंको ने कहा, तबाह ओखमादित पूरे देश की पीड़ा है।

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