मुरादाबाद: खेरखाता में 409 ग्रामीणों की जांच, बुखार अब भी रहस्यमय
मुरादाबाद/भगतपुर/अमृत विचार। खेरखाता गांव के लोगों को आ रहे बुखार का आखिरकार क्या रहस्य है, इसे खोजने गए सेहत के विशेषज्ञों ने पूरे दिन रविवार को ग्रामीणों का स्वास्थ्य जांचा। अफसर भी इस चिकित्सा पहेली को सुलझाने पहुंचे। पर यह बुखार, इतना घातक कैसे हो सकता है, कैसे लोगों की जान ले सकता है। यह …
मुरादाबाद/भगतपुर/अमृत विचार। खेरखाता गांव के लोगों को आ रहे बुखार का आखिरकार क्या रहस्य है, इसे खोजने गए सेहत के विशेषज्ञों ने पूरे दिन रविवार को ग्रामीणों का स्वास्थ्य जांचा। अफसर भी इस चिकित्सा पहेली को सुलझाने पहुंचे। पर यह बुखार, इतना घातक कैसे हो सकता है, कैसे लोगों की जान ले सकता है।
यह जान पाना उन सबके लिए आसान नहीं रहा। इस बुखार से पूरा गांव डरा हुआ है। लोगों की इस समस्या को अमृत विचार ने जब प्रमुखता से प्रकाशित किया तो सेहत विभाग की टीम करीब 24 लोगों के साथ रविवार को खेरखाता पहुंच गई। 409 लोगों का स्वास्थ्य जांचा गया।
इसमें 35 वे मरीज भी थे जो बुखार से पीड़ित बताए जा रहे हैं। यही नहीं 511 गांव वालों की मलेरिया, डेंगू, कोविड की भी जांचें की गईं। रैपिड किट से हुई इन जांचों में एक भी रिपोर्ट पॉजिटिव नहीं आई। अब जो छह मौत अस्पतालों में हुई हैं, उसका क्या कारण रहा होगा, फिलहाल सेहत विभाग के अफसरों के लिए अनसुलझा बना हुआ है।
भगतपुर थाना क्षेत्र के इस गांव में पिछले कुछ दिनों से रहस्मयी बुखार ने तांडव मचा रखा है। छह लोगों की जान यह निगल चुका है। इसके साथ ही 36 के करीब लोग इस बुखार से पीड़ित बताए जा रहे हैं। गांव के लोगों की निजी लैब से जांच कराई तो कुछ की रिपोर्ट में डेंगू, मलेरिया का जिक्र भी किया गया।
पर यहां जब स्वास्थ्य विभाग की टीम पहुंची तो उसने यह सारी रिपोर्ट खारिज कर दी। उसने जो जांच की, उसमें एक भी डेंगू व मलेरिया का मरीज नहीं मिला। यह रिपोर्ट जितनी राहत भरी है, उतनी ही चिंता जनक भी है, क्योंकि जिन छह लोगों की मौत हो गई, वे आखिर ऐसे कौन से घातक बुखार से पीड़ित थे, यह जानपाना स्वास्थ्य विभाग के लिए मुश्किल सा हो गया है। हालांकि इस रहस्यमयी बुखार का पता लगाने के लिए सेहत के विशेषज्ञों ने कार्रवाई शुरू कर दी है।
रविवार को सीएमओ डा. मिलिंद चंद गर्ग, एसीएमओ डा. डीके प्रेमी, जिला मलेरिया अधिकारी डा. ब्रह्म सिंह, मूंढापांडे एमओआईसी नरेंद्र कुमार, मलेरिया निरीक्षक मोहम्मद आरिफ गांव पहुंचे। प्रधान व वहां कर्मचारियों की मदद से नालियां साफ हुई और रुका पानी चलाया गया। नालियों में एंटी लार्वासाइड का छिड़काव हुआ और शाम को फॉगिंग कराई गई। इसके साथ ही चिकित्सा कैंप लगा। इसमें डेंगू, मलेरिया, कोविड की रैपिट किट से जांच हुई। सेहत विशेषज्ञों का कहना है कि कोई भी कोविड, डेंगू या मलेरिया का मरीज नहीं पाया गया। अब इस बुखार का रहस्य क्या है, इसके बारे में पता कराया जा रहा है।
अस्पतालों से मांगी रिपोर्ट, होगी रिसर्च
खेरखाता गांव में छह लोगों ने बुखार से दम तोड़ दिया। इनमें शफी (50), हाजरा बेगम (55), नीरज (32), इंतजार अली (45), इम्तियाज मिस्त्री की 15 वर्षीय पुत्री, बरकत अली (35) शामिल हैं। मुरादाबाद के एशियन विवेकानंद अस्पताल, कांशीपुर के एक अस्पताल के अलावा जिन अस्पतालों में यह मौत हुई हैं, उनसे मरीजों के चिकित्सा जांच व अन्य कागज तलब किए गए हैं। मरीजों के चिकित्सा रिपोर्ट के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी। स्वास्थ्य इस बुखार के रहस्य को समझने के लिए कई और भी रिसर्च करने की तैयारी कर रहा है। इसके लिए स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने विशेषज्ञों के साथ भी वार्ता की है।
रविवार को हुई जांच का विवरण
409 का स्वास्थ्य चेकअप हुआ
34 बुखार के मरीजों को दवा दी
145 की मलेरिया रैपिड किट से जांच हुई
128 की डेंगू एंटीजन किट से जांच हुई
124 रैपिड एंटीजन किट से कोविड जांच हुई
114 की आरटीपीसीआर जांच को भेजे गए नमूने
एंटीलार्वा साइड का छिड़काव कराया गया
पूरे गांव में फॉगिंग कराई गई
कर्मचारियों द्वारा नालियां साफ कराई गईं, रुका पानी चलाया गया
मुख्य चिकित्सा अधिकारी डा. मिलिंद चंद गर्ग ने बताया कि खेरखाता गांव में डेंगू, मलेरिया और कोविड की रैपिड जांच कराई गई। कोई भी केस इन बीमारियों से संबंधित नहीं पाई गई। अब यह बुखार कौन सा है। इसपर रिसर्च शुरू कर दी है। जो मौत हुई हैं, वे अस्पतालों में हुई हैं। वहां से सभी की रिपोर्ट्स मंगाई गई हैं। उनकी जांच होगी और पता किया जाएगा कि आखिरकार क्या बीमारी है।
जिला मलेरिया अधिकारी डा. ब्रह्म सिंह ने बताया कि गांव में फॉगिंग कराई गई, एंटी लार्वा साइड का छिड़काव हुआ और नालियों ठहरे पानी की निकासी की गई। इससे मच्छर कम होंगे। डेंगू और मलेरिया का खतरा भी नहीं रहेगा। रैपिड एंटीजन किट से जांचे भी की गईं हैं, पर कोई भी बीमार, डेंगू, मलेरिया या कोविड से पीड़ित नहीं पाया गया है। यहां प्रतिदिन मच्छर नाशक दवा का छिड़काव किया जाएगा।
खेरखाता के ग्रामीण बोले शुक्रिया ‘अमृत विचार’
मोहम्मद साहिल
बुखार ने गांव में दहशत बना दी थी। पर कोई स्वास्थ्य विभाग का अफसर या डाक्टर यहां देखने नहीं आया। निजी अस्पतालों में भर्ती कराया तो गांव में छह लोगों को हमने खो दिया। अमृत विचार अखबार ने हमारी पीड़ा को प्रकाशित कर कई और जाने बचा दीं।
नाजिर अली
चिकित्सा कैंप लगा तो हिम्मत आई। रविवार को स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी भी गांव आए तो अच्छा लगा। बुखार ने हमे डरा ही दिया है। आखिरकार कौन सा बुखार है ये, इसके बारे में पता चल सकेगा। अमृत विचार ने हमारी पीड़ा स्वास्थ्य विभाग तक पहुंचाई, इससे ग्रामीणों को काफी हिम्मत मिली है।
इंतखाब आलम
बच्चे रोते थे तो सिहर उठता था। छह लोगों की जान चुकी है इस बुखार से। डर लगता था कि कहीं यह बुखार और न तांडव कर दे। सेहत के रखवाले भी गांव आ नहीं रहे थे। अमृत विचार ने हमारी इस समस्या को प्रकाशित कर हमें बहुत बड़ी मुसीबत से बचा लिया।
अंसार अली
संक्रमण का दौर चल रहा है। कब कौन सी बीमारी हमे सता जाए, कुछ नहीं कहा जा सकता। अभी कोरोना का खौफ खत्म नहीं हुआ और इस रहस्यमयी बुखार ने गांव में संकट पैदा कर दिया। शुक्रिया अमृत विचार, जो उन्होंने इसे प्रकाशित कर जिम्मेदारों को जगाया है। अब जब स्वास्थ्य चेकअप हो रहा है तो डर भी कम हुआ है।
