मुरादाबाद: 73 साल में पहली बार नहीं निकलेगा जुलूस-ए-मोहम्मदी
मुरादाबाद, अमृत विचार। ईद मिलादुन्नबी को लेकर शहर में तैयारियां शुरू हो गई है। लोग अपने-अपने घरों को सजा रहे है। मस्जिदों में सलातों-सलाम का नजराना पेश किया जा रहा है, लेकिन इस बार कोरोना महामारी के चलते जुलूस-ए-मोहम्मदी नहीं निकाला जायेगा। रविवार को आयोजित हुई बैठक में मरकजी कमेटी ने यह फैसला लिया है। …
मुरादाबाद, अमृत विचार। ईद मिलादुन्नबी को लेकर शहर में तैयारियां शुरू हो गई है। लोग अपने-अपने घरों को सजा रहे है। मस्जिदों में सलातों-सलाम का नजराना पेश किया जा रहा है, लेकिन इस बार कोरोना महामारी के चलते जुलूस-ए-मोहम्मदी नहीं निकाला जायेगा। रविवार को आयोजित हुई बैठक में मरकजी कमेटी ने यह फैसला लिया है।
ईद मिलादुन्नबी को लेकर रविवार को मदरसा अकरम-उल-उलूम में जमिअत एहले सुन्नत की बैठक हुई। बैठक की अध्यक्षता जुलूस-ए-मोहम्मदी के कंविनर मुनव्वर अकरमी ने और संचालन रिजवान उर रहमान ने किया। जमिअत एहले सुन्नत के सेक्रेटरी मुफ्ती दानिश उल कादरी ने बताया कि पिछले 73 सालों से जमिअत एहले सुन्नत द्वारा ईद मिलादुन्नबी के मौके पर शहर में जुलूस-ए-मोहम्मदी निकाला जाता है। इस बार भी 30 अक्टूबर को ईद मिलादुन्नबी के मौके पर जुलूस-ए-मोहम्मदी निकाला जाना था, लेकिन इस बार कोरोना महामारी के चलते शासन के निर्देशों का पालन करते हुए जुलूस नहीं निकाला जायेगा।
उन्होंने तमाम मुसलमानों से अपील करते हुए कहा कि इस बार ईद मिलादुन्नबी पर आप लोग अपने घरों को खूब सजाए। नज्रो-नियाज का सिलसिला शुरू कर दे। गरीब व बेसहारा लोगों की मदद करे। उलेमा इकराम ने लोगों ने अपील करते हुए कहा है कि आप लोग सरकार की गाइड लाइन का ख्याल रखते हुए ईद मिलादुन्नबी का जश्न मनाए।
ईद मिलादुन्नबी को लेकर सजने लगा शहर
रबी उल अव्वल का महीना शुरू होते ही मुसलमानों में खुशी की लहर दौड़ जाती है। मुसलमान अपने घरों को सजाते है। शहर के अलग-अलग इलाकों में जश्ने-ए- ईद मिलादुन्नबी की महफिल होती है। रबी उल अव्वल की 12 तारीख को मोहसिने इंसानियम पैगंमबर हजरत मोहम्मद साहब की पैदाइश हुई थी। इसकी खुशी मनाने के लिए मुसलमान अपने घरों को झंडियो और लाइटों से सजाते है। साथ ही शहर में जुलुस ए मोहम्मदी भी निकाला जाता है। जगह-जगह जश्न ए ईद मिलादुन्नबी की महफिले व जल्से भी होते है। हर साल ईद मिलादुन्नबी से कुछ दिल पहले ही मुस्लिम इलाके दुल्हन की तरह सजने लगते है, लेकिन इस बार कोरोना महामारी के चलते जलसे और महफिलों का आयोजन नहीं हो रहा है।
सरकार के निर्देशों का पालन करने की अपील
कुछ दिन पहले ही उलेमा इकराम ने सभी मुसलमानों से अपील कर दी थी कि आप लोग कोरोना महामारी के चलते सरकार द्वारा दिए गए दिशा-निर्दशों का पालन करें। रविवार से शहर की लाल मस्जिद इलाका सजना शुरू हो गया है। साथ ही यहां झंडियो और लाइटों समेत अन्य सामानों की दुकानें भी लगने लगी है। पूरा दिन लोग दुकानों से सजावट के सामान की खरीदारी करते नजर आये। उलेमा इकराम भी मुसलमानों से अपने घरों को सजाने की अपील कर रहे है।
मुफ्ती दानिश उल कादरी, सेक्रेटरी ने कहा कि इस बार कोरोना महामारी में सरकार की गाइड का पालन करते हुए जुलूस-ए-मोहम्मदी नहीं निकाले का फैसला लिया गया है। मैं सभी मुसलमानों से अपील करता हूं कि आप लोग अपने घरों को खूब सजाए। नज्रो-नियाज दिलाए। साथ ही मोहम्मद साहब की सुन्नतों पर अमल करे।
