लखीमपुर खीरी: बहन के शादी के दिन भाई की मौत...एक तरफ भाई की अर्थी, दूसरी तरफ पड़े बहन के फेरे
लखीमपुर खीरी। अमृत विचार। मैलानी थाना क्षेत्र के गांव सलावत नगर में जिस घर में सोमवार को बहन की डोली उठनी थी। रविवार की रात उसके भाई राजीव की अचानक मौत से परिजनों पर दुखों का पहाड़ टूट गया। जिससे परिजनों का रो-रो कर हाल बेहाल है। बहन की डोली उठने के साथ जब भाई की अर्थी उठी तो पूरा गांव फफक कर रो पड़ा।

गांव सलावत नगर निवासी राजीव (24) पुत्र स्वर्गीय लालाराम की बहन की सोमवार को बारात आनी थी। मनीष ने बताया कि घर में सोमवार को छोटी बहन कंचन की बारात शाहजहांपुर के मोहल्ला कईयन सरांए निवासी आकाश पुत्र रामलडैते के यहां से आनी थी। रविवार शाम को तैयारियां जोरों से चल रही थीं। उनका बड़ा भाई राजीव अचानक कुर्सी पर बैठ गए, उन्हें दो तीन बार हिचकियां आईं। आनन फानन में निजी हॉस्पिटल ले गए, जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया।
अंदाजा यह लगाया जा रहा है कि राजीव की हार्टअटैक से ही मौत हुई है। देखते ही देखते घर की खुशी गम में बदल गई। ऐसी दुखद घटना जिसने भी सुनी उससे रुका नहीं गया और वह देखने पहुंच गया। एक तरफ बहन की डोली तो दूसरी तरफ बड़े भाई की अर्थी को देखकर गांव वासियों के भी आंसू रोके नहीं रुक रहे थे। देखते ही देखते घर में भीड़ लग गई। जबकि परिजनों का रो रोकर बुरा हाल है।

नगर पंचायत अध्यक्ष ने बंधाया ढांढस
राजीव की मौत की सूचना पाकर नगर पंचायत अध्यक्ष कीर्ति माहेश्वरी, उनके पति समाजसेवी भवानी शंकर माहेश्वरी, भाजपा जिला उपाध्यक्ष गुरमीत कौर मौके पर पहुंचे और बिलख रहे परिवार वालों को ढांढस बंधाया। साथ ही हर संभव मदद करने का आश्वासन दिया।
चार बहनों में सबसे छोटी बहन की थी शादी
जवान बेटे की मौत से मां रानी देवी का रो रोकर बुरा हाल है। वह यह कह कह कर बेहोश हो रही थी कि भगवान ने चार साल पहले उनके पति को छीन लिया। अब उसके बाद जब बेटे ने घर संभाला तो उसे भी छीन लिया। बेटा बड़ा कमाऊ था और उसने मेहनत कर दो बहनों की शादी की। वह हमेशा यही कहता था कि सभी बहनों की शादी करके ही अपनी शादी करेगा, जबकि सबसे छोटी बहन की शादी में ही उसकी मौत हो गई। उसने बड़ी बहन बेबी, छोटी बहन नीतू, उससे छोटी बहन ममता की शादी करने के बाद अब सबसे छोटी बहन कंचन की शादी की तैयारियां हंसी खुशी से कर रहा था।
घर में सजा रहा मंडप, पड़ोस के घर में हुआ कन्या पूजन
राजीव की मौत से उसके घर में सजा हुआ मंडप सूना पड़ा रहा। पड़ोस में ही रहने वाले इंद्रजीत के घर पर गमगीन माहौल में कंचन की शादी हुई। मृतक की छोटी बहन कंचन रीति रिवाज के अनुसार शादी तो कर रही थी लेकिन उसके आंसू रुकने का नाम नहीं ले रहे थे। वह यह कहकर रो रही थी कि भगवान मेरे भाई को एक दिन के लिए ही जीवन दान दे दिया होता, ताकि भाई हमारा कन्यादान कर देता।
