बरेली: जिन्हें रोजगार मेलों का लक्ष्य पूरा कराकर कंपनियों ने निकाला, उन्हें फिर नौकरी दिलाएंगे सेवायोजन वाले
शब्या सिंह तोमर, बरेली। रोजगार मेलों में नौकरियां देने के बाद युवाओं को अनुबंध से कम वेतन देने या कई-कई महीने वेतन ही न देने के मामले सामने आने के बाद सेवायोजन विभाग सक्रिय हो गया है। जिन कंपनियों ने युवाओं को नौकरियां देने के कुछ समय बाद ही किसी न किसी बहाने बाहर का रास्ता दिखा दिया, उन्हें अब सेवायोजन विभाग को जवाब देना पड़ रहा है। विभाग के अफसरों ने नौकरियों के नाम पर हुए इस खिलवाड़ से मायूस युवाओं से भी संपर्क साधा है। उन्हें दोबारा नौकरी दिलाने का भरोसा दिलाया है।
अमृत विचार की छानबीन में पिछले दिनों कई ऐसे मामले सामने आए थे जिनमें युवाओं को रोजगार मेलों में नौकरी तो दी गई लेकिन बाद में कंपनियों ने उन्हें वह वेतन नहीं दिया जिसका उल्लेख नियुक्ति पत्र में किया गया था। कुछ युवाओं को अनुबंध में तय हुए वेतन की तुलना में आधा ही वेतन दिया गया और कुछ को कई महीने सेवाएं लेने के बाद वेतन ही नहीं दिया गया। इन युवाओं को नियुक्ति भी इतनी दूर दी गई थी, जहां कम वेतन में उनका काम कर पाना मुमकिन नहीं था। प्राइवेट कंपनियों के इस खिलवाड़ की वजह से मजबूरी में ये युवा नौकरी छोड़कर फिर बेरोजगार हो गए।
कई युवाओं के मुताबिक रोजगार मेलों में उनका वेतन 18 हजार तय हुआ था। उन्हें दिए गए नियुक्ति पत्र में भी इसी वेतन का उल्लेख था लेकिन उन्होंने जब नौकरी शुरू की तो बताया गया कि उन्हें इतना वेतन नहीं दिया जा सकता। दूसरे जिलों में उन्हें आठ से 10 हजार रुपये के मासिक वेतन में नौकरी करने को कहा गया तो उन्होंने इन्कार कर दिया।
कंपनियों के एचआर को तलब कर युवाओं के सामने बैठाया
कंपनियों के खिलवाड़ का अमृत विचार में खुलासा होने के बाद सेवायोजन विभाग के अधिकारियों ने उनके एचआर को तलब किया। उनका आमना-सामना नौकरी से निकाले गए युवाओं से कराया गया तो उनकी करतूत सामने आ गई। क्षेत्रीय सेवायोजन अधिकारी त्रिभुवन सिंह ने बताया कि एचआर और अभ्यर्थियों को आमने-सामने बैठाकर दोनों की बात सुनी गई। अभ्यर्थियों ने लिखकर दिया है कि नौकरी उनकी दक्षता के अनुसार नहीं थी। अब इन अभ्यर्थियों को रोजगार मेले में बुलाकर उनकी दक्षता के अनुसार नौकरी दिलाई जाएगी। उधर, अभ्यर्थियों ने बताया कि उन्हें नौकरी साक्षात्कार के बाद मिली थी। दक्षता के मुताबिक नौकरी न होने का सवाल नहीं है लेकिन अब उन्हें बरेली में उपयुक्त नौकरी दिलाने का आश्वासन दिया गया है।
