प्रतापगढ़: आपदा प्रबंधन ने डूबने एवं वज्रपात से बचाव की जारी की एडवाइजरी, पालन किया तो बच सकती है जान
प्रतापगढ़, अमृत विचार। जिला आपदा प्रबन्धन प्राधिकरण, प्रतापगढ़ ने डूबने एवं वज्रपात से बचाव के लिए सुरक्षा के उपाय के सम्बन्ध में एडवाइजरी जारी की है। जिला आपदा विशेषज्ञ अनुपम शेखर तिवारी ने जनसामान्य से जागरूक रहने की अपील की। बताया कि समय - समय जारी की जा रही एडवाइजरी का पालन करें और दूसरों को भी इसके लिए प्रेरित करें, जिससे जनहानि से बचा जा सके।
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डूबने से बचाव हेतु सुरक्षा के उपाय
उफनाई हुई नदी, नहर, नाले तालाब, जलप्रपात आदि के किनारे न जाएं एवं अपने परिजनों को भी जाने से रोकें। बच्चों को पुलिया,ऊंचे टीलों से पानी में कूद कर स्नान करने से रोकें। अति आवश्यक हो तो ही पानी में उतरें व गहराई का ध्यान रखें। कोशिश करें किसी नदी या जलप्रपात में सामूहिक रूप से स्नान करने जाते समय साथ में दस-पन्द्रह मीटर लम्बी रस्सी या धोती/साड़ी अवश्य रखें।
सतर्क रहें,यह न करें
नदियों, नहरों, जलाशयों या अन्य जल निकायों के पास लिखी हुई चेतावनी की अवहेलना न करें। छोटे बच्चों को घाटों, जल निकायों के समीप न जाने दें। किसी के उकसावे में आकर पानी में छलांग न लगाये। नदियों या अन्य जल निकायों के घाटों पर रीति-रिवाजों, संस्कारों का निर्वहन करते समय असावधानी न बरतें। तैरते या पानी में स्नान करते समय स्टन्ट न करें या सेल्फी आदि न लें, ऐसा करना जानलेवा हो सकता है।
वज्रपात से बचाव हेतु सुरक्षा के उपाय
पक्की छत के नीचे शरण लें। यात्रा के दौरान वाहन में ही रहे। खिड़कियों, दरवाजे एवं बरामदों से दूर रहें। बिजली के उपकरणों या तार के सम्पर्क में आने से बचें। तालाब और जलाशयों से दूर रहें। यदि आप खेत-खलिहान में हैं तो पैरों के नीचे लकड़ी, प्लास्टिक, बोरा या सूखे पत्ते रख लें।
यह बिल्कुल न करें
पेड़ के नीचे न खड़े हों। दीवार के सहारे टेक न लगाएं। बिजली एवं टेलीफोन के खम्भों के नीचे शरण न लें। नल, फ्रिज व टेलीफोन आदि को न छुएं। धातु से बनी वस्तुओं का उपयोग कदापि न करें।
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