Muharram 2024: मातमी माहौल के बीच सुपुर्दे खाक हुए ताजिए, कड़ी सुरक्षा में मना मोहर्रम
अयोध्या, अमृत विचार। कर्बला के 72 शहीदों की याद में शोक के रूप में मनाए जाने वाले मोहर्रम की दसवीं तारीख यानि आशूर के दिन बुधवार को आंसुओं के सैलाब के बीच ताजियों को सुपुर्द ए खाक किया गया। बड़ी संख्या में अजा़दार मातम करते हुए विभिन्न इलाकों से जुलूस की शक्ल में अलग अलग कर्बला पहुंचे और ताजियों को सुपुर्द ए खाक किया। इसी दौरान कड़ी सुरक्षा के बीच दो माह आठ दिन तक चलने वाले मोहर्रम के पहले दस दिवस कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच सम्पन्न हुए। जिले के शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में अकीदत के साथ मोहर्रम मनाया गया।
मोहर्रम के दसवें दिन बुधवार को ताजियों को सुपुर्द ए खाक किया गया। इन दस दिनों में शिया अजा़दारों के घरों में ताजिए रख मजलिस और मातम के साथ कर्बला में हक और बातिल की जंग में शहीद हुए हजरत इमाम हुसैन और उनके 72 जां निसार साथियों को भूखे प्यासे शहीद कर दिया गया था। उस वक्त के जुल्म शासक यजीद ने कर्बला के मैदान में हजरत इमाम हुसैन और उनके साथियों पर तमाम जुल्म बरपा करते हुए शहीद कर दिया था। इसी की याद में मोहर्रम मनाया जाता है।
इससे पहले नौ मोहर्रम की रात मंगलवार को नगर में कदीमी अलविदा जुलूस राठहवेली से निकल कर गुदड़ी बाजार, चौक, रीडगंज होता हुआ बुधवार भोर में इमामबाड़ा पहुंचा जहां तमाम अंजुमनों ने आग का मातम भी किया। बुधवार सुबह सात बजे से खुर्द महल स्थित कर्बला में ताजियों का पहुंचना शुरू हो गया था, राठहवेली, इमामबाड़ा जवाहर अली खां, रिकाबगंज, हैदरगंज आदि क्षेत्रों से लोग ताजिए लेकर पहुंचे और कर्बला में सुपुर्द ए खाक किया। मातमी सदाओं के साथ जुलूस की शक्ल में भी लोग पहुंचे और या हुसैन की सदाओं के बीच ताजियों को दफन किया। सुबह से दोपहर बाद तक ताजियों को कर्बला में दफनाने का सिलसिला चलता रहा। खुर्द महल कर्बला में सुरक्षा व्यवस्था के पुख्त इंतजाम किए गए गए थे।
वहीं सुन्नी समुदाय के लोगों ने जुलूस निकाल बड़ी बुआ पहुंच ताजियों को सुपुर्द ए खाक किया। विभिन्न क्षेत्रों से जुलूस के साथ निकले सुन्नी समुदाय के लोगों ने मोहर्रम की दसवीं को परचम और अलम मुबारक के साथ कर्बला के शहीदों को याद किया। वहीं जिले के ग्रामीण क्षेत्रों में में भी परंपरागत ढंग से मोहर्रम मनाया गया। रुदौली, सोहावल, बड़ागांव, बीकापुर, मिल्कीपुर, हैदरगंज, तारुन आदि क्षेत्रों में सकुशल मोहर्रम मनाया गया। मोहर्रम को लेकर जिले भर में सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए थे। नगरीय क्षेत्र में तैनात मजिस्ट्रेटों को विभिन्न इलाकों की जिम्मेदारी दी गई थी।
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