बरेली: दरोगा के बेटे की रेकी के शक में हुई हत्या...चार आरोपी गिरफ्तार, दो मुठभेड़ में दबोचे

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Edited By Amrit Vichar
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बरेली, अमृत विचार। शाहजहांपुर के दरोगा के बेटे अमन की हत्या के चार आरोपियों को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस ने मुख्य आरोपी विपिन गुप्ता और शालू गुप्ता को मुठभेड़ के दौरान दबोचा। मुठभेड़ में दोनों बदमाशों के पैर में गोली लगी है। आरोपियों की फायरिंग में किला इंस्पेक्टर हरेंद्र सिंह और गढ़ी चौकी प्रभारी प्रवीन कुमार बाल-बाल बच गए। पुलिस पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि विपिन ने रेकी और अपनी जान के खतरे के शक में साथियों के साथ मिलकर अमन की हत्या की।

नवादा शेखान निवासी अमन गुप्ता की 13 जुलाई की रात हत्या कर दी गई थी। अमन की मां शोभा ने 14 जुलाई को मलूकपुर थाना किला निवासी विपिन गुप्ता, भमोरा थाना क्षेत्र के कछेली निवासी राम गुज्जर, मठ लक्ष्मीपुर निवासी पवन, जतिन, पीयूष शंखधार, समेत अज्ञात के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई थी। इस प्रकरण में पुलिस आरोपियों को तलाश कर रही थी।

गुरुवार सुबह 4:30 बजे किला इंस्पेक्टर को सूचना मिली कि विपिन और शालू गुप्ता निवासी नवादा शेखान भागने की फिराक में हैं। दौली रघुवर दयाल जाने वाली रोड पर बाकरगंज पुल से कुछ दूरी पर पुलिस पहुंची तो विपिन और शालू ने फायरिंग कर दी, जिसमें इंस्पेक्टर किला हरेंद्र सिंह और गढ़ी चौकी इंचार्ज प्रवीन कुमार बच गए। जवाबी कार्रवाई में विपिन के दाहिने और शालू के बाएं पैर में गोली लगी। दोनों को जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है। पुलिस को दोनों आरोपियों के कब्जे से 315 बोर के दो तमंचे और तीन कारतूस और दो खोखा मिले हैं।

पुलिस के मुताबिक विपिन गुप्ता पर थाना किला, कोतवाली, सुभाषनगर, प्रेमनगर और इज्जतनगर में जानलेवा हमला, हत्या समेत 15 मुकदमे पंजीकृत हैं। वहीं शालू गुप्ता के खिलाफ बारादरी और किला थानों में सात मुकदमे दर्ज हैं। वहीं पुलिस ने मठलक्ष्मीपुर निवासी पवन और किला के पंजाबपुरा निवासी नीरज गोयल को भी चौधरी तालाब के पास से गिरफ्तार कर लिया है। पवन के खिलाफ इज्जतनगर, प्रेमनगर और किला थाना में चार मुकदमे दर्ज हैं और नीरज गोयल के खिलाफ एक मुकदमा दर्ज है। पुलिस जतिन, रामगुज्जर, पीयूष शंखधार और रेहान की तलाश कर रही है।

ललित के दुकान का बैनामा कराने के बाद विपिन मानने लगा था रंजिश
पुलिस के मुताबिक विपिन गुप्ता ने अपने एक साथी के नाम बैनामा कराकर केला बाग में दुकान खरीदी थी। इसी दुकान पर ललित सक्सेना की नजर थी। कुछ महीने पहले ललित ने साजिश के तहत विपिन को हत्या के प्रयास के मामले में जेल भिजवा दिया। विपिन के जेल जाने के बाद उसके साथी से ललित सक्सेना ने दुकान का बैनामा अपने नाम पर करवा लिया। जब विपिन जेल से बाहर आया तो उसने अपने साथियों की मदद से दुकान पर कब्जा कर लिया। इससे ललित और विपिन के बीच रंजिश हो गई।

पीलीभीत बाईपास पर फायरिंग मामले में ललित सक्सेना जेल गया तो अमन, विपिन के बारे में लोगों से पूछताछ करने लगा। इस पर विपिन को लगा कि उसकी हत्या हो सकती है। तब उसने ललित सक्सेना गिरोह के राम गुज्जर और पवन को लालच देकर अपने साथ मिला लिया लेकिन यह बात अमन को नहीं पता चली। अमन, पवन और राम गुज्जर पर भरोसा करता था। विपिन ने राम गुज्जर और पवन से अमन 13 जुलाई को बुलवाया। इसके बाद उसके साथ अपने कार्यालय में मारपीट करके हत्या कर दी। विपिन गुप्ता एक पूर्व विधायक के बेटे का करीबी बताया जा रहा है।

एसओजी का खास मुखबिर है राम गुज्जर
बताया जाता है कि राम गुज्जर एसओजी का खास मुखबिर है। इसलिए उसने पुलिस लाइन स्थित एसओजी कार्यालय में एक प्रकरण में पंचायत के बहाने अमन को बुलाया था। अमन को पवन बुलाकर लाया था। पंचायत के बाद पवन और अमन वहां से चले गए। जैसे ही पवन अमन को लेकर गुलाबनगर पहुंचा, वैसे ही विपिन गुप्ता, शालू गुप्ता, रेहान, पीयूष आदि ने उसे पकड़ लिया और दुकान में ले जाकर उसके साथ मारपीट की। बाद में विपिन ने अपने हाथों से अमन का गला दबा दिया, जबकि उसके हाथ पैर शालू, पियूष, रेहान, नीरज गोयल व अन्य आरोपियों ने पकड़े। 

पुलिस का खास रहा विपिन
मलूकपुर में रहने वाला विपिन गुप्ता किला पुलिस के संरक्षण में वारदातों को अंजाम देता रहा है। किला थाने के कई पुलिसकर्मी उसके लिए मुखबिरी का काम करते हैं। दूसरे जिले में तैनात पुलिसकर्मी भी उसके पास आते रहते हैं। वह पुलिस कर्मियों के साथ महंगे होटलों में पार्टियों का आयोजन करता है। कई साल पहले इज्जतनगर थाना क्षेत्र में शेर सिंह हत्याकांड में विपिन की साजिश होने की बात सामने आई है। ललित और विपिन शेर सिंह के खास थे लेकिन शेर सिंह की हत्या के बाद दोनों अलग हो गए थे।

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