बांदा: विधायक से रो–रोकर नर्सिंग छात्राओं ने बताई समस्याएं, कार्रवाई का मिला भरोसा, जानें मामला

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Edited By Amrit Vichar
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छात्राओं का आरोप- खाने में मिलते हैं कीड़े, पानी की रहती हैं पाबंदी

नरैनी/बांदा, अमृत विचार। खाने में कीड़े मिलते हैं, पीने और निस्तार के पानी में पाबंदी है। समस्याओं को लेकर मुंह खोलने पर हास्टल से निकालने व रेस्टिकेट करने और परीक्षा में कम अंक देने की धमकी दी जाती है। नर्स ट्रेनिंग सेंटर में प्रधानाचार्य, वार्डन से परेशान छात्राओं ने फफक-फफक कर रोते हुए विधायक को आपबीती सुनाई, जिस पर उन्होंने कहा कि दो दिनों के अंदर व्यवस्थाएं दुरुस्त कराने के साथ दोषियों के विरुद्ध सख्त कार्यवाही कराई जायेगी।

सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र परिसर में बनी विशाल इमारत में सरकार ने नर्स ट्रेनिग सेंटर खोला है। यहां प्रशिक्षण ले रही छात्राओं ने शाम लगभग 4 बजे क्षेत्रीय विधायक ओममणि वर्मा को फोन कर समस्याएं बताई थीं, जिसे सुनकर विधायक श्रीमती वर्मा नर्स ट्रेनिंग सेंटर पहुंची। यहां प्रधानाचार्य के समक्ष छात्राओं ने बताया कि खाने में कीड़े मिलते हैं। दोपहर का बना भेजन रात्रि में खाने के लिए दिया जाता है। पानी के इस्तेमाल पर पाबंदी लगा दी गई है, जिससे नहाने धोने और पीने के पानी की समस्या से जूझना पड़ता है।

छात्राओं ने बताया कि इस मामले की शिकायत दो दिन पहले जिला मुख्यालय पहुंचकर मुख्य चिकित्सा अधिकारी से की थी, लेकिन समस्या का निराकरण नहीं हुआ बल्कि प्रधानाचार्य ने एक एक छात्रा को अपने आवास में बुलाकर धमकाते हुए कहा है कि जो लोग शिकायत करने गई थी वो चाहें तो हॉस्टल छोड़कर चली जाएं, अन्यथा परीक्षा में कम अंक दिए जाएंगे। साथ ही रेस्टीकेट भी किया जा सकता है।

इस बात को छात्राओं ने विधायक के सामने स्पष्ट किया है। छात्राओं ने यह भी बताया कि प्रधानाचार्य के पति अनुपम स्वयं हॉस्टल के मेस का संचालन करते हैं और यहां लगी दो पानी की टंकियों में कभी पानी नही भरा जाता। सुबह सिर्फ दो घंटे सबमर्सिबल चलाकर नहाने धोने का समय दिया जाता है। छात्राओं ने आरोप लगाया है कि पानी का आरओ खराब होने पर जब सभी छात्राएं चंदा देती हैं तब आरओ ठीक कराया जाता है।

छात्राओं की शिकायतें सुनने के बाद विधायक ओममणि वर्मा ने छात्राओं के रूम देखकर बताया कि किसी भी छात्रा के बेड पर बेड सीट नहीं थी, सिर्फ एक कमरे में दो पंखे लगे थे, बाकी सभी कमरों में एक एक पंखा लगा मिला है।छात्राओं को स्वयं अपने घर से बेड सीट मंगानी पड़ती है। विधायक श्रीमती वर्मा ने बताया कि गंदगी देखकर ऐसा लगता है कि यहां नियमित सफाई नहीं की जाती है। कहा कि ट्रेनिग सेंटर की अव्यवस्थाओं के संबंध में मुख्य चिकित्साधिकारी को अवगत कराएंगे, यदि दो दिनों के अंदर व्यवस्थाएं दुरुस्त नहीं की गई तो उक्त मामले को मुख्यमंत्री के पटल तक पहुंचाया जायेगा।

प्राचार्य ने विधायक को बताई व्यवस्था

एएनएम सेंटर प्राचार्य शिवनंदनी ने बताया कि कुल 62 छात्राओं का एडमिशन है। जिसमे 39 छात्राएं यहीं हॉस्टल में रहती हैं। प्रधानाचार्य ने विधायक को अपनी समस्याएं बताते हुए अवगत कराया कि उनके पास सीधे कोई बजट नहीं आता है। सेंटर से संबंधित सामग्री के लिए उनके द्वारा समय समय पर सीएमओ को पत्र लिखे जाते हैं, लेकिन समय से अपेक्षित सामग्री उपलब्ध नहीं कराई जाती है, जिससे उन्हें अपनी जेब से व्यवस्थाएं करनी पड़ती हैं। उन्होंने बताया कि पहले बैच की 30 छात्राओं को बेड सीट दिए गए थे। उनके पास 10 बेड सीट अभी रखे हैं, लेकिन पर्याप्त न होने के कारण अभी तक बांटे नहीं गए हैं।

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