Unnao News: जलस्तर घटने से निचले इलाकों में संक्रामक बीमरियां फैलने का खतरा बढ़ा...घरों में कैद होने को मजबूर लोग
जलस्तर घटने से निचले इलाकों में संक्रामक बीमरियां फैलने का खतरा बढ़ा
उन्नाव, अमृत विचार। पहाड़ों और मैदानी क्षेत्रों में बारिश होने के कारण पश्चिम के बांधों से अधिक मात्रा में पानी छोड़ा गया था। जिस कारण पिछले दिनों गंगा का जलस्तर चेतावनी बिंदु पार कर गया था। इधर जितनी तेज जलस्तर बढ़ा, उतनी ही तेज जलस्तर में गिरावट दर्ज की गई।
तटवर्ती इलाकों से पानी तो निकल गया लेकिन खाली पड़े प्लाट और गड्ढ़ों में बाढ़ का पानी भरा होने के साथ ही गंदगी का अंबार लगा हुआ है। जिससे संक्रामक बीमारियां फैलने की आशंका बढ़ गई है।
पश्चिमी के बांधों से पानी छोड़े जाने के कारण पिछले सप्ताह गंगा का जलस्तर चेतावनी बिंदु 112 मीटर पार कर गया था। जलस्तर बढ़ने के कारण तटवर्ती इलाके गोताखोर, शाह नगर, मोहम्मद नगर, कर्बला, हुसैन नगर, सैय्यद कम्पाउंड, चंपा पुरवा, तेजी पुरवा, मनसुख खेड़ा के निचले इलाकों में बाढ़ का पानी घुस गया था। जिससे यहां के रहने वाले लोग घरों में कैद हो गये थे।
इधर, कई दिनों से जलस्तर में गिरावट दर्ज की जा रही है। जिससे जिन क्षेत्रों में बाढ़ का पानी पहुंच गया था, वहां से पानी निकल गया लेकिन निचला इलाका होने के कारण घरों के आस पास पानी भरा हुआ है। जिसमें गंदगी का अंबार है। जिसके कारण लोगों को गंदे पानी के बीच गुजर कर आवागमन करने की परेशानी उठानी पड़ रही है।
इसके अलावा गंदा पानी भरा होने से मच्छरों का भी प्रकोप बढ़ गया है। बदबू और गंदगी के बीच सैकड़ों घरों में रहने वालों पर संक्रामक बीमारी का खतरा मंडरा रहा है। इन प्रभावित इलाकों में भरे बाढ़ का पानी न निकाले जाने के कारण क्षेत्रीय लोग खासे परेशान हैं और उन्हें संक्रामक बीमारियों की खतरा सता रहा है।
बोले जिम्मेदार
जिन तटवर्ती इलाकों में बाढ़ का पानी भर गया है, उन क्षेत्रों में एंटी लार्वा का छिड़काव कराया जायेगा। इसके साथ ही चूना डलवाया जायेगा। जिससे संक्रामक बीमारियां ने फैल सके।- अनूप शुक्ला, एसवीएम प्रभारी
