बरेली : एक साथ उठे तीन जनाजे, फफक पड़े लोग

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Edited By Amrit Vichar
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बरेली/शाही अमृत विचार । मथुरापुर में दो वाहनों में हुई टक्कर में मंगलवार को शाही के तीन दोस्तों की मौत हो गई थी। पोस्टमार्टम के बाद बुधवार को तीनों के शव शाही पहुंचे तो पूरा कस्बा फफक पड़ा। घरों में चूल्हे नहीं जले। अभी भी एक युवक गंभीर हालत में अस्पताल में भर्ती है। मंगलवार रात 10.30 बजे के कामरान का जन्मदिन मनाकर ताजीम, सोनू और जुनैद शाही की ओर जा रहे थे। कार कामरान ही चला रहा था। गति ज्यादा तेज होने से जैसे ही मथुरापुर के पास पहुंची सामने से टेम्पो जाता दिखा। उसे ओवरटेक करने के लिए जैसे ही कार मोड़ा अनियंत्रित होकर सामने से आ रही डीसीएम से भिड़ गई। इसमें कामरान, ताजीम और सोनू की मौत हो गई जबकि जुनैद घायल हो गया।

तीनों के शव बुधवार दोपहर एक बजे के लगभग शाही कस्बे में उनके घर पहुंचे तो चीख-पुकार मच गई। दो बहनों में इकलौते कामरान का शव देखकर उनकी मां गश खाकर गिर गई। पिता मेराज हसन के आंसू थम नहीं रहे थे। बहनें बार-बार कह रही थीं कि अब कैसे तेरा जन्म दिन मनाएंगे। ऐसा ही मंजर ताजीम के घर का था। वह अपने घर में सबसे बड़ा था। उससे छोटा उसका एक भाई और चार बहनें हैं। शव देखकर ताजीम के पिता सिर पकड़कर बैठ गए। बोले या अल्लाह, मेरे किस गुनाह की सजा दी। मां भी बेहोश थी। सोनू के पिता याद करके चीख रहे थे। मां रो-रोकर कह रहीं थी कि मेरे बेटे को एक बार जगा दो। तीनों के घरों से एक के बाद एक जनाजे उठे तो सड़कों पर तिल रखने की जगह नहीं रही। कब्रिस्तान में तीनों की कब्र पास-पास बनीं।

सोमवार को था जन्म दिन

पोस्टमार्टम हाउस पर लोगों ने बताया कि सोमवार को कामरान का जन्मदिन था और मंगलवार को दोबारा सोनू ने अपने पिता से इजाजत लेकर कामरान से पार्टी ले ली जिसके बाद यह घटना हुई। पिता सोनू को जाने के लिए इजाजत देने के समय को कोस रहे थे।

दो दोस्त उतर गए रास्ते में

तीनों मृतकों के रिश्तेदारों ने बताया कि जब चारों युवक बरेली में पार्टी मनाने के लिए आ रहे थे तब अन्य दोस्त भी तैयार हो गए। आकिब तथा एक अन्य युवक भी कार में बैठ भी गए, लेकिन कुछ दूर चलने के बाद दोनों कार से उतर गए थे। कार में ताजीम, कामरान, सोनू और जुनैद थे। चारों ने एक होटल में खाना खाया। फिर बरेली में मिठाई की दुकान से मिठाई खाने के बाद वापस लौट रहे थे कि हादसा हो गया।

दोस्ती के मोहल्ले में थे चर्चे

लोगों ने बताया कि कामरान, ताजीम, जुनैद और सोनू के बीच अच्छी दोस्ती थी। चारों मथुरापुर में उसी स्कूल में पढ़ते थे, जिसके सामने हादसा हुआ। उनकी दोस्ती के चर्चे मोहल्लों के लोगों के बीच थे। यही वजह रही कि कामरान के जन्मदिन पर कोई भी बरेली आने से इंकार नहीं कर सका।

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