बहराइच: नदी की कटान में समाहित हो गए खेती और मकान, अब मुआवजा और आवास के लिए भटक रहे ग्रामीण

Amrit Vichar Network
Edited By Amrit Vichar
On

बहराइच, अमृत विचार। जिले के बेलामकन गांव निवासी ग्रामीणों की खेती योग्य जमीन और मकान सरयू नदी के कटान में समाहित हो गई है। लेकिन अभी तक पीड़ित  ग्रामीणों को सरकार की ओर से कोई मुआवजा या आवास का लाभ नहीं दिया गया है। जिसके लिए ग्रामीणों ने कलेक्ट्रेट में पहुंच कर प्रदर्शन किया।

तहसील नानपारा अंतर्गत ग्राम पंचायत बेलामकन गांव सरयू नदी के निकट बस हुआ है। गांव में प्रतिवर्ष नदी का जलस्तर बढ़ने पर ग्रामीणों की खेती योग्य जमीन और मकान उसी में समाहित हो जाते हैं। गांव निवासी राममिलन, माता प्रसाद, विनोद और हरीराम की अगुवाई में तीन दर्जन से अधिक ग्रामीण शुक्रवार को कलेक्ट्रेट पहुंचे। सभी ने नारेबाजी करते हुए प्रदर्शन किया। 

सभी का कहना है कि बीते वर्ष आई बाढ़ के दौरान उनके मकान और खेती योग्य जमीन नदी में कट गई वह सभी बेघर हो गए हैं। लेकिन अभी तक इन ग्रामीणों को आर्थिक सहायता राज दी गई और ना ही आवास दिया गया है। सभी का कहना है कि अधिकारियों ने मौके का मुआयना किया लेकिन कोई आवासीय व्यवस्था नहीं उपलब्ध कराई। प्रदर्शन के बाद ग्रामीणों ने जिला अधिकारी को ज्ञापन दिया। इस दौरान कमलेश, कन्हैयालाल, माता प्रसाद, रामकरन, लायक राम, कलावती, किशोरी लाल समेत अन्य मौजूद रहे।

यह भी पढ़ें:-लखनऊ: लोहिया संस्थान में बड़ी कार्रवाई, इलाज में लापरवाही बरतने पर 6 डॉक्टर समेत 13 निलंबित

संबंधित समाचार