Unnao News: कानपुर-रायबरेली मार्ग पर आए दिन गोवंश हो रहे हादसे के शिकार...डीएम से लगाई गौशाला पहुंचवाने की गुहार
हनुमंत जीवाश्रय ने डीएम से लगाई गौशाला पहुंचवाने की गुहार
उन्नाव, अमृत विचार। कानपुर-रायबरेली राष्ट्रीय राजमार्ग गोवंश के लिए जानलेवा साबित हो रहा है। इस पर ललउखेड़ा सहित विभिन्न स्थानों पर बारिश के दिनों में गोवंश का जमावड़ा लगा रहता है। जगह-जगह गांवों में बनी गौशालाओं में आश्रय न मिलने से तेज रफ्तार गुजरने वाले वाहनों की चपेट में आकर जहां आए दिन गोवंश की मौत हो रही है।
वहीं बड़ी संख्या में दुर्घटनाग्रस्त होकर गोवंश तड़पते हुए जीवन बिताने को मजबूर हो रहे हैं। हनुमंत जीवाश्रय के संस्थापक ने डीएम को पत्र देकर सीवीओ के माध्यम से गोवंश को गौशालाओं में पहुंचाने के निर्देश जारी करने की मांग की है।
गदनखेड़ा चौराहा से सेमरी चौराहा के पास जिले की सीमा में प्रतिदिन गोवंश दुर्घटनाग्रस्त हो रहे है। घायल गोवंश जहां एक-दो दिन लावारिश पड़े रहकर जीवन से संघर्ष करते है। वहीं किसी गोवंश प्रेमी से सूचना पाकर जीवाश्रय परिवार के स्वयं सेवक उन्हें आश्रय स्थल लाते है, लेकिन तब तक पहले से शारीरिक रूप से कमजोर घायल गोवंश की परेशानी काफी बढ़ चुकी होती है।
इससे इलाज कर उन्हें फिर चल पाने में सक्षम बनाना मुश्किल हो जाता है। आश्रय के स्वयं सेवक अनिकेत के मुताबिक इधर 15 दिन में डेढ़ दर्जन से अधिक हादसे हो चुके है। अधिकांश गोवंश अभी भी जीवाश्रय में स्वास्थ्य लाभ प्राप्त कर रहे है, लेकिन भारी व हल्के वाहन की टक्कर लगने के बाद उन्हें उनके पैरों पर खड़ा कर पाना मुश्किल होता है।
क्षेत्रीय निवासियों के मुताबिक गदनखेड़ा, ललउखेड़ा, बेथर, सिकंदरपुर आदि स्थानों पर लगातार गोवंश का जमावड़ा लगा रहता है। इसके बाद भी न तो ब्लाक और न ही ग्राम पंचायतों के जिम्मेदार गोवंश को गौशाला पहुंचाने की जहमत उठाते है। इसी तरह पशु चिकित्साधिकारी भी लापरवाह बने रहते है। हनुमंत जीवाश्रय के संस्थापक अखिलेश अवस्थी ने डीएम गौरांग राठी को पत्र देकर गोवंशों को गौशालाओं तक पहुंचाने के निर्देश जारी करने की मांग की है।
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