पश्चिम बंगाल: अखिल गिरि ने मंत्री पद से इस्तीफा दिया, कहा- महिला अधिकारी से माफी नहीं मांगेंगे

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Edited By Amrit Vichar
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कोलकाता। पश्चिम बंगाल के सुधार सेवा मंत्री अखिल गिरि ने सोमवार को कहा कि उन्होंने अपना इस्तीफा मुख्यमंत्री कार्यालय को भेज दिया है। तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के नेतृत्व ने रविवार को गिरि से मंत्री पद से इस्तीफा देने और वन विभाग की एक महिला अधिकारी को धमकाने तथा अपशब्द कहने के लिए उससे माफी मांगने को कहा था। हालांकि, रामनगर से टीएमसी विधायक गिरि ने कहा कि वह किसी अधिकारी से नहीं, बल्कि मुख्यमंत्री ममता बनर्जी से माफी मांगेंगे। 

गिरि ने शहर के दक्षिणी हिस्से में स्थित एमएलए हॉस्टल से बाहर आते हुए संवाददाताओं से कहा, ‘‘मैंने अपना इस्तीफा मुख्य सचिव के माध्यम से मुख्यमंत्री कार्यालय को सौंप दिया है। लेकिन, मैं किसी अधिकारी से माफी नहीं मांगूंगा। मैं मुख्यमंत्री से माफी मांग सकता हूं।’’ टीएमसी विधायक ने कहा, ‘‘उस दिन लोगों की पीड़ा और वन विभाग के लोगों द्वारा उन पर अत्याचार देखकर मैं अपना आपा खो बैठा। मैं एक शब्द का इस्तेमाल करने के लिए क्षमा चाहता हूं, लेकिन मैंने जो कुछ भी कहा उसके लिए नहीं। मैंने जो कुछ भी किया है, वह लोगों के हित के लिए किया है।’’ 

रामनगर के विधायक ने आरोप लगाया कि छोटे व्यापारियों ने पूर्वी मेदिनीपुर जिले में ताजपुर समुद्र तट के पास वन विभाग की जमीन पर दुकानें शुरू करने के लिए वन विभाग के अधिकारियों को रिश्वत दी थी। गिरि ने कहा कि वह उन घटनाओं के बारे में मुख्यमंत्री को विस्तार से लिखेंगे, जिनके कारण वह अपना आपा खो बैठे। गिरि 1998 में टीएमसी की स्थापना के समय से ही पार्टी के साथ हैं। 

भाजपा में शामिल होने की योजना के बारे में पूछे जाने पर गिरि ने कहा, ‘‘मैं क्या करूंगा? मेरा कार्यकाल 2026 तक है, मैं अपनी पार्टी की आवश्यकता के अनुसार विधायक के रूप में काम करूंगा।’’ गिरि रामनगर से विधायक हैं। उन्हें एक वीडियो में वन अधिकारी (फॉरेस्ट रेंजर) मनीषा साहू को धमकाते हुए देखा जा सकता है। उन्होंने साहू को धमकाते हुए कहा कि ताजपुर समुद्र तट के पास वन विभाग की भूमि पर अतिक्रमण हटाए जाने के बाद उनका कार्यकाल घटा दिया जाएगा। 

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