प्रधानमंत्री अपने भाषण में बेरोजगारी पर कुछ नहीं बोलते: राहुल
वाल्मीकिनगर/बिहार। कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने बुधवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर निशाना साधते हुए कहा कि अपने भाषणों में वह दूसरे देशों की बात करते हैं लेकिन अपने देश के समक्ष पेश आ रही बेरोजगारी जैसी समस्याओं पर कुछ नहीं बोलते। अपने दूसरे चरण के चुनाव प्रचार अभियान के तहत पश्चिमी चंपारण …
वाल्मीकिनगर/बिहार। कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने बुधवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर निशाना साधते हुए कहा कि अपने भाषणों में वह दूसरे देशों की बात करते हैं लेकिन अपने देश के समक्ष पेश आ रही बेरोजगारी जैसी समस्याओं पर कुछ नहीं बोलते। अपने दूसरे चरण के चुनाव प्रचार अभियान के तहत पश्चिमी चंपारण के वाल्मीकिनगर में एक चुनावी रैली को संबोधित करते हुए राहुल गांधी ने बेरोजगारी और पलायन के मुद्दे पर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को भी घेरा।
राहुल गांधी ने हाल ही में बने कृषि कानूनों का मुद्दा उठाते हुए कहा कि आमतौर पर दशहरे में रावण, कुंभकर्ण, मेघनाद के पुतले जलाए जाते हैं, लेकिन पंजाब में इस बार प्रधानमंत्री और अंबानी, अडाणी के पुतले जलाए गए। उन्होंने कहा कि इस बार पूरे पंजाब में दशहरे पर रावण नहीं, नरेंद्र मोदी, अंबानी और अडाणी का पुतला जलाया गया। राहुल ने कहा कि ये दुख की बात है, लेकिन ऐसा इसलिए हो रहा है क्योंकि किसान परेशान हैं।
उन्होंने केंद्र एवं बिहार सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि आज गन्ना किसान सहित हर किसान समझता है कि चाहे वह कुछ कर ले, उसे उत्पाद का उचित मूल्य नहीं मिल सकता। पलायन का मुद्दा उठाते हुए उन्होंने कहा कि यहां के लोग अपने प्यारे प्रदेश को छोड़कर जाने को मजबूर हैं, ये लोग बेंगलूर, दिल्ली, मुंबई जाते हैं लेकिन अपनी खुशी से नहीं जाते हैं। उन्होंने कहा कि यहां के लोग प्रदेश छोड़कर जाने को मजबूर हैं क्योंकि बिहार को नष्ट कर दिया गया है।
राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और भाजपा पर झूठ बोलने का आरोप लगाते हुए कहा कि प्रधानमंत्री ने दो करोड़ रोजगार की बात कही थी लेकिन क्या रोजगार मिला? राहुल ने कहा कि अब अगर प्रधानमंत्री मोदी यहां आकर दो करोड़ रोजगार की बात बोल दें तो शायद भीड़ उन्हें भगा देगी। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री हर तरह की बात करते हैं, दूसरे देशों की बात करते हैं लेकिन देश की सबसे बड़ी समस्या, बेरोजगाी के बारे में बात नहीं करते।
