कानपुर में अभियान फुस्स: मौत बनकर दौड़ रहे स्कूली वैन, ई रिक्शा...स्कूली वाहनों के खिलाफ आरटीओ का अभियान दिखावा
ई रिक्शों का भी कोई मानक ही नहीं, दस दस बच्चे लादते
कानपुर, अमृत विचार। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने स्कूली वाहनों और डग्गामार बसों के खिलाफ अभियान चलाने के निर्देश दिये थे, ये आदेश तब आया था जब आगरा लखनऊ एक्सप्रेस-वे पर प्राइवेट बस पलटने से कई लोगों की जान चली गयी थी। कुछ दिनों तक आरटीओ ने अभियान चलाकर इसे ठंडे बस्ते में डाल दिया है। स्कूली वाहनों और ई रिक्शों पर खुलेआम भूसे की तरह बच्चों को भरकर ले जाया जा रहा है।
फजलगंज चौराहा और उसके आसपास से चलने वाली लग्जरी बसों को कोई फर्क नहीं पड़ा और धड़ल्ले से दौड़ रही हैं। यही हाल स्कूली वाहनों का है। स्कूलों को आरटीओ ने नोटिस भेजकर अपने वाहनों की फिटनेस व अन्य मानक दिखाने की बात की लेकिन आरटीओ ने उन वाहनों पर कोई शिकंजा नहीं कसा जो मौत बनकर दौड़ रहे हैं।
इन वाहनों में कोई मानक ही नहीं है। कई ऐसी स्कूली वैन हैं जो आज भी एलपीजी से चल रही हैं जो बीस से पचीस साल पुरानी हैं। इसी प्रकार दर्जनों ऐसे वाहन हैं जो आरटीओ से फिटनेस भी नहीं कराये हैं लेकिन हाईवे पर भी ऐसे वाहन खुलेआम चेकिंग दस्ता को चुनौती दे रहे हैं।
ई रिक्शों का कोई मानक नहीं
तमाम ई रिक्शा स्कूलों में लगे हैं जो बच्चों को घर से स्कूल लाते हैं और स्कूल से घर छोड़ते हैं लेकिन इन ई रिक्शा में कोई भी बच्चा सुरक्षित नहीं है। हालांकि ऐसे ई रिक्शा हाईवे या मुख्य मार्ग पर तो नहीं चलते हैं लेकिन ये ई रिक्शा तमाम ऐसे रास्तों पर दौड़ रहे हैं जिनपर तेज रफ्तार वाहन चलते हैं।
क्या बोले अधिकारी
बच्चों से खिलवाड़ करने की इजाजत किसी को नहीं है। ऐसे वाहनों को बख्शा नहीं जाएगा।- अंबुज भास्कर, सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी प्रवर्तन
