रायबरेली: बारिश बनी काल, छत ढहने से महिला की मौत...एक घायल
सलोन में भरभराकर ढहा इंदिरा आवास, मलबे में दबे चार लोग
रायबरेली, अमृत विचार। काफी इंतजार के बाद झमाझम बारिश हुई, लेकिन गरीबों के लिए काल बन गई। बछरावां में छत ढहने से महिला की मौत हो गई। वहीं सलोन में इंदिरा आवास भरभराकर ढह गया, जिसके मलबे में चार परिजन और दो मवेशी फंस गए। जैसे तैसे परिजनों को बाहर निकाला गया। वहीं दोनों बकरियों की भी मौत हो गई।
बछरावां थाना क्षेत्र के पश्चिम गांव में शुक्रवार दोपहर जीनत बानो पुत्री रहमत अली निवासी पश्चिम गांव अपने घर के पिछले हिस्से में थी। तभी कमरे की छत बारिश के चलते उसके ऊपर गिर पड़ी। वह छत के मलबे में दब गई। डेढ़ घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद ग्रामीणों ने उसे बाहर निकाला। एंबुलेंस की मदद से उसे सीएचसी पहुंचाया गया, जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया है। वहीं उसी कमरे में रुबीना पत्नी किस्मत अली भी थी, जिससे वह भी घायल हो गई है।

गनीमत रही कि उसे मामूली चोटे आईं हैं। घटना के समय परिजन व बच्चे सभी घर के बाहर थे, जिससे वह बाल-बाल बच गए। सूचना पर पहुंची पुलिस घटना की जांच पड़ताल कर रही है। थानाध्यक्ष ओमप्रकाश तिवारी ने बताया कि शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है।
दूसरी घटना सलोन ब्लाक क्षेत्र के रेवहारा गांव में हुई। शुक्रवार दोपहर लगभग डेढ़ बजे के करीब तेज मुसलाधार बारिश शुरू हो गई। ब्लाक क्षेत्र के रेवहारा ग्राम सभा निवासी राम सजीवन ग्राम प्रधान जगेंद्र सिंह के दरवाजे बैठे थे। जबकि उनकी पत्नी खेत में जानवर चराने निकली हुई थीं। घर पर राम सजीवन का लड़का रंजीत, बेटी रेशमा, शोभा और बहनोई राम चरन निवासी दुबहन मौजूद थे।
झमाझम बारिश के बीच अचानक पूरा मकान एकाएक भरभरा कर गिर गया। घर गिरने की अचानक आई आवाज और चीख पुकार के बीच ग्रामीण मदद के लिए भागे। करीब एक घंटे की मशक्कत के बाद घायलों को मलबे के नीचे से निकाल कर सीएचसी में भर्ती कराया गया, जबकि मलबे में दबी दो बकरियों की मौके पर मौत हो गई।
गृहस्वामी राम सजीवन ने बताया कि लगभग बीस वर्ष पूर्व इंदिरा आवास मिला था। जर्जर होने के बाद भी अधिकारियों ने ध्यान नहीं दिया। आज बच्चों की जान जाते जाते बची है। डॉ. आशीष नायक ने बताया कि दो युवती समेत चार लोगों को गम्भीर अवस्था में सीएचसी में भर्ती कराया गया है। गम्भीर चोटे आई हैं। लेकिन सभी घायल खतरे से बाहर हैं। घायलो में एक युवक है, जिसका ट्रीटमेंट चल रहा है।
रेवहारा ग्राम प्रधान जगेंद्र सिंह ने बताया कि इंदिरा आवास जर्जर हो चुका था। इस बारे में कई बार सम्बन्धित लोगों को अवगत कराया गया। लेकिन किसी ने ध्यान नहीं दिया। पीड़ित परिवार का पूरा मकान बरसात से गिर गया है। परिवार को एएनएम सेंटर में रुकने और उनके खाने की व्यवस्था कराई जाएगी।
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