अयोध्या : नगर आयुक्त के जांच का आदेश होते ही मुकरने लगे लोग 

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Edited By Amrit Vichar
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सुपरवाइजर व सफाई कर्मियों ने सफाई निरीक्षक पर लगाया था घूस मांगने का आरोप 

अयोध्या, अमृत विचार : नगर निगम के अयोध्या जोन के सफाई निरीक्षक वीजेंद्र वर्मा पर घूस लेने का आरोप लगने के कुछ ही घंटे बाद नगर आयुक्त ने मामले की जांच का आदेश दे दिया। अभी जांच शुरू भी नहीं हुई थी कि आरोप लगाने वाले मुकरने लगे हैं। नगर आयुक्त संतोष शर्मा ने खुद इसकी पुष्टि की है। उनका कहना है कि वीडियो के जरिए बयान जारी करने वाले लोग पीछे हटने लगे हैं। 

दरअसल सफाई कर्मचारी, सुपरवाइजर और ड्राइवर ने सफाई निरीक्षक वीजेंद्र वर्मा पर घूस मांगने का आरोप लगाया था। बकायदा वीडियो भी जारी हुआ था। आरोप लगाया था कि सफाई निरीक्षक कहते हैं कि अगर काम करना है तो हर महीने पर सुपरवाइजर को पांच हजार रुपये दें। लायंस कंपनी में काम करने वाले सुपरवाइजर धर्मेंद्र कुमार, संदीप, नागेश्वरनाथ में सफाई करने वाले प्रमोद कुमार व सुनीता ने आरोप लगाया था कि सफाई निरीक्षक गाली देते हैं। पैसे मांगते हैं। अनुपस्थित करने की धमकी देते हैं। इस बाबत वीजेंद्र वर्मा ने बताया था कि उन्होंने जगह-जगह गंदगी मिलने पर कंपनी पर डेढ़ लाख रुपये जुर्माना लगवाया था। इसके बाद कंपनी की ओर से ही कर्मचारियों का पैसा काटा जा रहा था। उनके ऊपर लगाए गए सभी आरोप निराधार हैं। उधर, लक्ष्मण घाट के वार्ड 52 की पार्षद प्रिया शुक्ला ने इस संबंध में नगर आयुक्त संतोष शर्मा को पत्र लिखकर वीजेंद्र वर्मा को निलंबित करने की मांग की थी। इसका पत्र भी वायरल हुआ था।

शनिवार की देर रात सोशल मीिडया पर चल रहे पूरे प्रकरण की जांच के लिए नगर आयुक्त संतोष शर्मा ने अपर नगर आयुक्त अनिल सिंह को जांच का जिम्मा सौंपा था और 14 अगस्त तक आख्या मांगी थी। नगर आयुक्त संतोष शर्मा ने बताया कि जितने लोगों ने भी आराेप लगाया था उनमें से आधे से ज्यादा लोगों ने वीिडयो जारी कर कहा है कि ऐसा कोई मामला नहीं है। हालांकि हमने जांच का आदेश दे दिया है। सभी के बयान लिए जाएंगे। काम में थोड़ी डांट-डपट होती है। कभी भी भ्रष्ट आचरण स्वीकार नहीं किया जाएगा। आप कहें तो जितने लोग मुकरे हैं उनके वीडियो भेज दूं। 

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